जिले के दक्षिणांचल के काफी लोग बैंकॉक में रहते हैं, हालात गंभीर होने से परिजनों को सता रही चिंता
बैंकॉक के सिसाकेत, सुरीन के अलावा कंबोडिया-बैंकॉक सीमा पर रहने वाले भारतीयों के परिजन चिंतित
गोरखपुर। दक्षिणांचल के गोला, बड़हलगंज और आस-पास के क्षेत्र के हजारों लोग बैंकॉक में रहकर रोजी-रोटी का इंतजाम करते हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शिव मंदिर के पास हुए सीमा विवाद से उन देशों में रहने वाले लोगों के साथ ही यहां उनके परिवार के लोग भी चिंतित हैं।
थाईलैंड में रहने वाले धुरियापार के छोटकू सिंह शुक्रवार को अपने भारतीय दोस्त से मिलने सुरीन गए थे। इसी बीच बैंकॉक की सेना ने अनाउंस किया कि देश-विदेश से आए लोग मोबाइल फोन बंद कर लें और फोटो या वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर न डालें। इस घटना से सहमे छोटकू सिंह अपने सुरिक्षत ठिकाने पर पहुंच गए हैं।
अमर उजाला से शनिवार को फोन पर बातचीत में छोटकू सिंह ने पूरी कहानी बताई। बताया कि ये पूरा विवाद सिर्फ शिव मंदिर तक पहुंचने और पूजा करने की वजह से शुरू हुआ है। प्रीह विहार मंदिर, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है, जो 800 मीटर लंबी सीढ़ियों की एक श्रृंखला से जुड़ा है। सावन में इस शिव मंदिर में जलाभिषेक करने वालों की काफी भीड़ उमड़ती है। इस मंदिर को लेकर थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद है। इसी विवाद में माइंस में आकर थाईलैंड के सिपाही की मौत हो गई थी। इसके बाद मंदिर पर आने-जाने को लेकर दोनों देशों में विवाद बढ़ गया।
विवाद से भारतीयों को हो रहा नुकसान
इस विवाद से भारतीयों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैंकॉक में रहने वाले दक्षिणांचल के सुधीर मिश्र ने बताया कि जैसे नेपाल और भारत की सीमा के बीच सिद्धार्थनगर और महराजगंज हैं, वैसे ही बैंकॉक और कंबोडिया के बीच सिसाकेत, सुरीन का इलाका है। यहां भारतीय रोजाना दिहाड़ी और अन्य तरीकों से अपने आय का जुगाड़ करते हैं। इन दिनों गोलीबारी और बमबाजी से वो लोग खुद सहमे हुए हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं कोई अपना जानने वाला इस युद्ध का शिकार न हो जाए। घर से लगातार फोन कर लोग संपर्क करते रहते हैं।
दहशत में जीने को मजबूर, नेटर्वक मोबाइल भी बंद
दक्षिणांचल के गोला, धुरियापार, उरुवा क्षेत्र के काफी संख्या में लोग बैंकॉक के सिसाकेत और सुरीन में रह रहे हैं। यहां के रह रहे जिलाजीत, बलालू, राजेश, झीनक ने बताया कि सेना ने मोबाइल से किसी तरह की प्रक्रिया या सोशल मीडिया पर सक्रियता पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। ऐसे में बाहर के हालात की जानकारी नहीं हो पा रही है।
कोट-
बैंकॉक में हालात इस समय पहले की तुलना में थोड़े सामान्य हुए हैं। फ्लाइट या किसी तरह की ऐसी रोक नहीं है। फिर भी एक आशंका बनी हुई है कि लापरवाही हुई तो दो देशों की लड़ाई में कहीं खुद का नुकसान न हो जाए।
- छोटे सिंह, सुरीन (बैंकॉक का प्रभावी क्षेत्र)
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कोट-
हम भारतीय रोजी-रोटी और घूमने के लिए बैंकॉक आते हैं। युद्ध की वजह से घूमने वाले लोगों का प्लान कैंसिल हो रहा है। हम लोग फिलहाल सुरक्षित हैं। बैंकॉक की सेना सभी की रक्षा कर रही है।
- सुधीर, उबोन