जीडीए ने बिना मानचित्र मस्जिद निर्माण के लिए दिया था नोटिस
गोरखपुर। घोष कंपनी के पास नगर निगम से समझौते में मिली जमीन पर बनी मस्जिद का ऊपरी हिस्सा शनिवार को कमेटी के लोगों ने स्वत: ही तोड़ना शुरू कर दिया। इससे पहले जीडीए ने बिना मानचित्र स्वीकृति के हुए निर्माण को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। 15 दिन के अंदर इसे तोड़ने का आदेश था। यह मामला कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है, जहां तीन मार्च को अगली सुनवाई होनी है।
नगर निगम सदन की स्वीकृति के उपरांत घोष कंपनी चौराहा (चैनपुर-मेवातीपुर) के पास नगर निगम की 47 डिस्मिल भूमि पर पिछले साल तीन मंजिला मस्जिद बनाई गई थी। 15 फरवरी को जीडीए ने मस्जिद के दिवंगत मुतवल्ली के पुत्र शुऐब अहमद के नाम ध्वस्तीकरण का आदेश दिया, जिसमें लिखा गया कि यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही किया गया है, जिसे 15 दिन के भीतर खुद ही तोड़ लें, अन्यथा जीडीए ध्वस्त कराएगा और इस पर होने वाला खर्च भी वसूल किया जाएगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ मस्जिद के मुतवल्ली के पुत्र ने जीडीए अध्यक्ष व कमिश्नर की अदालत में अपील दाखिल की है।
शुक्रवार को मस्जिद कमेटी के सदस्य जिलाधिकारी से मिलने गए थे। इसके बाद शनिवार की सुबह कमेटी की निगरानी में मस्जिद की ऊपरी मंजिल को तोड़ने का काम शुरू हुआ। दोपहर तक तोड़ने का काम चलता रहा।
वर्जन
बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही बने मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। अब यह मामला कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्णय और मौके का निरीक्षण करने के बाद जो स्थिति बनेगी, उसके अनुसार अगली कार्रवाई होगी।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष जीडीए