खोराबार पीएचसी में शुक्रवार को प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में हुआ था हंगामा, सीएमओ ने की कार्रवाई
गोरखपुर। खोराबार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रसूता की मौत के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद शनिवार को इस पर कार्रवाई की गई। सीएमओ डॉ आशुतोष दुबे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान प्रसव कराने वाली नर्स को सीएचसी से हटाने का निर्देश जारी किया।
बता दें कि झंगहा के लक्ष्मीपुर निवासी निफिकिर गौड़ की बहू सुनीता गर्भवती थी। तीन फरवरी को सुबह सुनीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद एएनएम और नर्स ने प्रसव करा दिया। प्रसव के बाद रक्तस्राव बंद नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान गंदे कपड़े से ही रक्तस्राव रोकने की कोशिश की गई। गंदा कपड़ा प्राइवेट पार्ट में डाल दिया गया। इस लापरवाही के बाद प्रसव के कुछ देर बाद ही सुनीता को डॉक्टर ने डिस्चार्ज करके घर भेज दिया। देर शाम रक्तस्राव बढ़ने लगा। रात में ही परिजन उसे लेकर पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फिर महिला अस्पताल पहुंचे। जहां से डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे सुनीता की बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को उसका शव मेडिकल कालेज से लेकर परिजन पीएचसी पर पहुंचे। नाराज परिजनों ने वहां प्रदर्शन कर हंगामा शुरू कर दिया। प्रसव कक्ष में तोड़फोड़ की। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान इलाज में लापरवाही की गई। मामला प्रकाश में आने के बाद शासन हरकत में आ गया। सीएमओ डॉ आशुतोष दुबे ने शनिवार को पीएचसी पहुंचकर जांच पड़ताल की। उन्होंने लेबर रूम में हुए तोड़फोड़ का भी मुआयना भी किया। इस दौरान पीएचसी प्रभारी डॉ ओबैदुल हक मौजूद रहे। सीएमओ ने प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स वंदना कुशवाहा का तत्काल प्रभाव से पीएचसी से तबादला करने का निर्देश दिया है। जिससे की जांच में कोई असर ना पड़ सके। इसकी तस्दीक पीएचसी प्रभारी डॉ औबैदुल हक ने की है। सीएमओ ने बताया कि मामला गंभीर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।