गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विधि की छात्रा को उसके फोटो के साथ मैसेज सहपाठी का भाई ही भेज रहा था। पुलिस ने छात्रा से मिले दो मोबाइल नंबरों से आरोपी का पता लगाने में सफलता प्राप्त की। आरोपी के नाबालिग होने पर विवि के मुख्य नियंता ने सहपाठी को निलंबित कर दिया।
विधि संकाय की छात्रा ने विधि संकाय के अधिष्ठाता और विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता को पत्र लिखकर किसी अनजान पर फोटो खींचकर मैसेज भेजने की शिकायत की। मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने कैंट पुलिस को छात्रा का शिकायत पत्र कार्रवाई के लिए सौंप दिया। पुलिस ने शुक्रवार को पीड़िता का बयान दर्ज किया।
छात्रों के बताए गए दो मोबाइल नंबरों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी। जांच में मालूम चला कि आरोपी का भाई छात्रा के क्लास में ही पढ़ाई करता है। वह क्लास के व्हाट्सग्रुप से छात्रा का मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया। इसके बाद उसके पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मैसेज भेजने लगा।
मारपीट के आरोप में किया निलंबित : विवि के विधि संकाय के तृतीय सेमेस्टर के छात्र श्याम मनोहर यादव ने संकाय अधिष्ठाता को प्रार्थना पत्र देकर अपने सहपाठी पर कुछ साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौच करने व हाथापाई के साथ जानमाल की धमकी का आरोप लगाया। मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने जांच के बाद आरोपी छात्र राज (गगन) तिवारी को निलंबित कर दिया।