जिले में जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने के लिए निबंधन कार्यालय में मंथन तेज हो गया है। इससे पहले दो बार में बढ़ाए गए सर्किल रेट की समीक्षा की जा रही है। शहर से सटे 20 से ज्यादा गांवों में सर्किल रेट तीन गुना तक बढ़ सकता है। इन गांवों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हो रही है। शहर का सर्किल रेट ज्यादा नहीं बढ़ेगा। शासन के निर्देश पर 31 जुलाई से पहले इसे तैयार कर लेना है।
वर्ष 2016 में सर्किल रेट बढ़ाया गया था। अब सभी जगहों पर बाजार रेट और सर्किल रेट में बहुत ज्यादा अंतर हो गया है। शासन के निर्देश पर सर्किल रेट बढ़ाने के लिए निबंधन कार्यालय में समीक्षा की जा रही है। इसके लिए तीन स्तर पर गणना कर मिलान कराया जा रहा है। पहले शहर वाले इलाके और फिर जहां शहर विकसित हो रहा है, वहां का सर्किल रेट देखा जा रहा है।
इसके अलावा तीसरी गणना सीमावर्ती जिलों के गांवों से भी हो रही है कि वहां अधिकतम अंतर 15 फीसदी से ज्यादा न होने पाए। अभी तक की गणना में सदर तहसील के दायरे में 20 से ज्यादा गांव ऐसे सामने आए हैं जहां इस समय जमीन की खरीद-फरोख्त ज्यादा है। इन गांवों की सूची बैनामे के आधार पर बनाई जा रही है। इसी गणना के आधार पर अन्य तहसीलों की सूची तैयार की जाएगी। ॉ
यहां मौजूदा सर्किल रेट तीन गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा 12 गांव ऐसे हैं जहां जमीन की खरीद फरोख्त कम है, यहां डेढ़ गुना तक सर्किल रेट बढ़ सकता है।
निबंधन विभाग से जिले में तहसीलवार प्रस्तावित सर्किल रेट मांगा गया है। इसकी समीक्षा कर शासन को भेजा जाएगा:
कृष्णा करुणेश, डीएम