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Gorakhpur News: फर्जी मान्यता दिखाकर लाखों की ठगी, सिसोदिया नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज पर केस दर्ज

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छात्राओं की तहरीर पर निदेशक और दिल्ली के चेयरमैन नामजद, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
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गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के बेला कांटा स्थित सिसोदिया नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज पर छात्राओं से फर्जी मान्यता दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप सही साबित हुआ है। मंगलवार को डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर पिपराइच पुलिस ने कॉलेज के निदेशक अशोक सिंह और इससे जुड़े दिल्ली स्थित संस्थान के चेयरमैन डॉ. दिनेश शुक्ल के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।

कॉलेज की एएनएम कोर्स की छात्राएं कल्पना पासवान, मनीषा, अर्चना भारती, अंशिका और काजल सहित कई अन्य छात्राओं ने सोमवार को डीएम से मुलाकात कर लिखित शिकायती पत्र दिया था। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने फर्जी मान्यता प्राप्त संस्थान बताकर 2021 से 2025 तक करीब 280 छात्र-छात्राओं का दाखिला किया और प्रत्येक से औसतन 1.20 लाख रुपये वसूले। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज की ओर से न तो नियमित कक्षाएं संचालित की गईं और न ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग। बाद में जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि कॉलेज का नाम न तो उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी, न स्टेट नर्सिंग काउंसिल और न ही नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया की सूची में है। डीएम के आदेश पर हुई त्रिस्तरीय जांच में भी कॉलेज का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। इसके बाद छात्राओं ने प्रबंधन से फीस वापसी की मांग की। इस दौरान 19 मई 2025 को कॉलेज परिसर में हंगामा भी हुआ। उस समय निदेशक अशोक सिंह और चेयरमैन डॉ. दिनेश शुक्ल ने लिखित रूप से फीस वापस करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक किसी को रुपये नहीं लौटाए गए। छात्राओं की शिकायत पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए तुरंत पिपराइच पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोपों में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में छात्रों से वसूली गई रकम और अन्य दस्तावेजों की छानबीन की जाएगी।
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छात्राओं में आक्रोश
धोखाधड़ी का शिकार हुईं छात्राओं में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि न केवल उनकी पढ़ाई बर्बाद हुई है, बल्कि लाखों रुपये डूबने का भी खतरा है। छात्राओं ने मांग की है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए और उनकी फीस तुरंत वापस कराई जाए।
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