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Gorakhpur News: इलाज में लापरवाही पर महिला अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों पर केस

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महाराजगंज जिले के नौतनवां निवासी मो. रईश कुरैशी के प्रार्थना पत्र पर सिविल कोर्ट ने दिया आदेश
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कोतवाली थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी
गोरखपुर। इलाज में लापरवाही के आरोप में महिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया है। घटना वर्ष 2020 की है। महाराजगंज जिले के नौतनवां निवासी मोहम्मद रईश कुरैशी के प्रार्थना पत्र पर सिविल कोर्ट ने महिला अस्पताल के तत्कालीन डॉक्टर और कर्मचारियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली थाने की पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू करते हुए बुधवार को कर्मचारियों से पूछताछ की है।
मोहम्मद रईश कुरैशी ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पत्नी कुरैशा खातून (40) तीन माह की गर्भवती थी। थायराइड का इलाज भी चल रहा था। इस बीच 12 अप्रैल 2020 को पत्नी की तबीयत खराब (ब्लीडिंग) हो गई। उसी दिन एंबुलेंस से पत्नी को लेकर रात करीब 11:15 बजे गोरखपुर जिला महिला अस्पताल पहुंचा और भर्ती कराया। उस समय डयूटी पर तैनात डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया। इसके बाद तबीयत और खराब हो गई। एतराज किया तो अगले दिन 13 अप्रैल को डॉक्टर और कर्मचारियों ने जबरन कोरोना जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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निजी अस्पताल ने भर्ती से इनकार किया
इसके बाद एक निजी अस्पताल पर लेकर पत्नी को पहुंचा। वहां पर हालत देख उन्होंने भर्ती करने से इनकार दिया। मजबूरी में पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। वहां पर कोरोना जांच हुई, रिपोर्ट नार्मल आई। डॉक्टर ने इलाज तो शुरू किया लेकिन तब तक अधिक ब्लीडिंग होने की वजह से गर्भपात हो चुका था। इसके बाद कई जगहों पर शिकायत की। दो साल तक दौड़-भाग करता रहा। कहीं सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट की शरण ली। सिविल कोर्ट ने केस की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी को केस दर्ज कर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने जान-बूझकर गर्भपात कराने और इलाज में लापरवाही का केस दर्ज किया।
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