फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्योहार के रंग में भंग: होली पर धंधेबाजों की तैयारी...गोरखपुर में 10 क्विंटल पकड़ा गया खोवा- व्यापारी 'लापता'

Sun, 23 Feb 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो

सार

खोवा को छह लोगों के नाम से मंगाया गया था, जिसमें से दोपहर बाद केवल एक व्यक्ति खाद्य सुरक्षा विभाग के ऑफिस पहुंचा और अपना चार गत्ता माल ले गया। शेष माल विभाग के दफ्तर में रखा है। सोमवार तक कोई दावेदार नहीं आया तो सैंपल लेकर सारा माल नष्ट कराया जाएगा।
विज्ञापन
खोवा का सैंपल लेते खाद्य विभाग के अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर में  होली को लेकर धंधेबाजों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। पहले ही बड़े पैमाने पर कानपुर की मंडी से खोवा मंगाया जाने लगा है। शनिवार सुबह करीब छह बजे रेलवे बस स्टेशन के सामने अलग-अलग बसों से 14 बोरा खोवा उतारा गया, जिनका वजन लगभग 10 क्विंटल है।
विज्ञापन


इसे छह लोगों के नाम से मंगाया गया था, जिसमें से दोपहर बाद केवल एक व्यक्ति खाद्य सुरक्षा विभाग के ऑफिस पहुंचा और अपना चार गत्ता माल ले गया। शेष माल विभाग के दफ्तर में रखा है। सोमवार तक कोई दावेदार नहीं आया तो सैंपल लेकर सारा माल नष्ट कराया जाएगा।

गोरखपुर समेत आसपास के जिलों में कानपुर से खोवा की बड़ी खेप आती है। इसमें असली के साथ ही मिलावटी खोवा भी होता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शनिवार सुबह करीब पांच बजे खोवा की तलाश में बस स्टेशन पहुंच गई। वहां पहुंच रही कानपुर की बसों से सड़क के किनारे बोरे उतारे गए, जिन्हें दो ई-रिक्शा चालक एकत्रित कर रहे थे।
विज्ञापन

खोवा लादते हुए - फोटो : स्त्रोत- खाद्य विभाग
टीम पहुंची तो रिक्शा चालकों ने बताया कि हर दिन वे यह माल अपनी गाड़ी में लोड कर लेते हैं। व्यापारी पहुंचते हैं और उसे अपने पते पर पहुंचाने के लिए पैसे दे देते हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दो ई-रिक्शा में लदा सारा माल वहां से खाद्य सुरक्षा विभाग के दफ्तर भिजवा दिया और माल पकड़े जाने की सूचना खोवा मंडी और अन्य व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों को दी।
दोपहर बाद दफ्तर पहुंचे एक व्यापारी ने बताया कि इसमें से एक बोरे में रखा केवल चार गत्ता माल उनका है, जिसमें से नमूना लेकर चारों गत्ता उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। शेष माल अभी भी गोदाम में रखा है।

पनीर की तलाश में थी टीम, पकड़ा गया खोवा
खाद्य सुरक्षा विभाग को खबर लगी थी कि खोवा मंडी में भोर में कहीं से पनीर की बड़ी खेप आने वाली है। तलाश में टीम मंडी पहुंची थी, लेकिन वहां कोई सामान नहीं आया। इस बीच पता चला कि बस स्टेशन पर कोई खाद्य सामग्री रोडवेज की बसों से पहुंच रही है। टीम वहां पहुंची तो खोवा से भरे बोरे सड़क के किनारे उतारे गए थे, जिसे ई-रिक्शा वाले सहेज रहे थे।
 

खाद्य विभाग लाया गया खोवा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसी सूचना मिली थी कि होली से पहले ही बड़ी मात्रा में खोवा मंगाया जा रहा है, जिसमें मिलावटी भी हो सकता है। तलाश में भोर में ही टीम मौके पर पहुंची थी। कुल 10 क्विंटल खोवा पकड़ा गया है, जिसके लिए अभी तक केवल एक ही दावेदार सामने आए हैं। सोमवार तक अगर कोई और नहीं आया तो सैंपल लेकर सारा माल नष्ट करा दिया जाएगा: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग

रोडवेज की बसों से हर दिन बिना बुकिंग के आता है खोवा
रोडवेज की बसों में बिना बुकिंग के कोई सामान ले जाना प्रतिबंधित है, लेकिन मिलावटी खोवा और अन्य खाद्य सामग्रियां दूसरे शहरों से गोरखपुर तक रोडवेज की बसों से ही आ रही हैं। व्यापारी माल बस में लोड करा देते हैं और बदले में चालक-परिचालक को कुछ रकम पकड़ा देते हैं।

गोरखपुर में बस स्टेशन से पहले माल उतारकर फुटपाथ पर रख दिया जाता है। वहां से ई-रिक्शा व ऑटो चालक उसे संबंधित दुकानों पर पहुंचा देते हैं। बसों से खोवा व पनीर के अलावा दवाएं व अन्य सामग्री गत्ते व बोरे में भरकर भेजने का काम लंबे अरसे से चला आ रहा है।

पिछले साल शासन स्तर पर इसकी समीक्षा की गई और इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। आदेश जारी हुआ कि ऐसा करने वाले चालक-परिचालकों पर कार्रवाई होगी। बसों से ढोए जा रहे माल को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गईं।
विज्ञापन

खाद्य विभाग ने खोवा पकड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस स्टेशन पर एक कुरियर सेवा भी शुरू हुई। तय हुआ कि लिफाफा भी कोरियर के माध्यम से ही भेजा जाएगा। लेकिन, यह सारी कवायद केवल कागजों में ही होती रही। अभी भी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों से सामान बसों से बिना किसी बुकिंग के भेजा जा रहा है। इन सामान के साथ कोई व्यक्ति यात्रा नहीं करता है। सामान को बस की डिकी या चालक अपने सीट के पास रख लेते हैं और उसे आराम से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दिया जाता है। अगर माल पकड़ा गया तो लावारिश मानकर नष्ट करा दिया जाता है।

हर जिले में पहुंचती है यह खेप
कानपुर से मिलावटी खोवा की खेप गोरखपुर के अलावा देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर आदि जिलों में भी रोडवेज की बसों से ही पहुंचती है। सुबह जो बस पहुंचती है, उस पर माल लदा होता है। चालक-परिचालक उसे कभी स्टेशन के गेट पर तो कभी परिसर में उतारकर छोड़ देते हैं। उस माल का वास्तविक मालिक वहां से थोड़ी दूरी पर खड़ा रहता है और उसके इशारे पर ई-रिक्शा या टेंपो चालक माल उठा लेते हैं। चालकों को ही पता होता है कि किस बस से उतरा माल किस दुकान पर पहुंचाना है।

शनिवार को बसों से खोवा या कोई अन्य सामग्री बिना बुकिंग के ही गोरखपुर लाने की कोई सूचना नहीं है। शासन के निर्देश पर बस स्टेशन परिसर में कोरियर का सेंटर संचालित है। बिना बुकिंग के आने वाले माल को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। अगर कोई माल बस में पकड़ा जाता है तो संबंधित चालक-परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी: लव कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक-परिवहन निगम गोरखपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें