गोरखपुर। व्रत में बहुतायत से उपयोग में लाए जा रहे कुट्टू के आटे की बिक्री पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह कार्रवाई प्रदेश के कई हिस्सों में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में एफ्लाटॉक्सिन नाम के हानिकारक रसायन मिलने पर की गई है। कई जगह इसके प्रयोग से फूड प्वाइजनिंग की भी घटनाएं हो चुकी हैं। कुट्टू के खुले आटे का भंडारण अवैध है, और ऐसा पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
सहायक आयुक्त खाद्य सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश भर विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से संग्रहीत किए गए खुले कुट्टू के आटे के नमूने जांच में मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। उन नमूनों में एफ्लाटॉक्सिन नामक रसायन पाया गया है। यह मानव जीवन के लिए घातक है, और इसके सेवन से स्वास्थ्य को गंभीर क्षति हो सकती है। खुले कुटू के आटे से निर्मित खाद्य पदार्थों से कई जगह फूड प्वाइजनिंग की घटनाएं हो चुकी हैं।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जनहित में अग्रिम आदेश तक संपूर्ण जनपद में खुला कुट्टू का आटा के भंडारण, वितरण व विक्रय को प्रतिबंधित किया है। समस्त खाद्य कारोबारियों व विनिर्माताओं को निर्देशित किया गया है कि खुला कुट्ट का आटा का भंडारण और क्रय-विक्रय न किया जाए। अगर किसी दुकान पर इसकी बिक्री या गोदाम में भंडारण पाया जाता है तो खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण को निलंबित किया जाएगा।
सहायक आयुक्त ने समस्त जनपद वासियों से अनुरोध किया है कि खुले कुट्ट का आटा का न खरीदें। पैक्ड कुट्टू आटे के पैकेट पर निर्माता का पूरा पता, एफएसएसएआई लाइसेंस, पंजीकरण संख्या, पैकिंग डेट तथा एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदें।