फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: मैं देवी हूं..यह बोलकर ससुराल वालों को नचाती थी, पति से पैर छुआती थी बिंदू

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखनाथ इलाके में मासूम बेटी और भतीजी की हत्या की आरोपी बिंदू ससुराल के सभी लोगों को कठपुतली की तरह नचाती थी। पति से बोलती थी कि उसके ऊपर देवी सवार हैं, उसका पैर छूकर आशीर्वाद ले। चेहरा और बड़ी-बड़ी आंखें देखकर पति को ये सब करना पड़ता था। शुक्रवार की देर रात बिंदू का पति रवि चौहान हैदराबाद से घर पहुंचा। बेटी की मौत और पत्नी की करतूत से दुखी रवि ने अमर उजाला से कई चौंका देने वाली बातें बताईं।
विज्ञापन




रवि ने बताया-वर्ष 2018 में उसकी शादी हुई थी। एक साल बाद नैना का जन्म हुआ था। एक माह बाद ही बच्ची को लेकर बिंदू कहीं गई थी। करीब तीन घंटे बाद वह घर वापस आई। उसके बाल खुले थे, आंखे लाल थीं, वह घर के मंदिर के पास बच्ची को लेकर बैठी थी। मैं जब उसके सामने गया तो उसने कहा कि मेरा पैर छूकर आशीर्वाद लो, मैंने भी घबराकर पैर छू लिए। इसी तरह वह हमेशा करती थी। घर पर एक बार जो उसने बोल दिया, जब तक उसकी जिद पूरी नहीं हो जाती थी, वह शोर मचाती रहती थी। सभी लोग कठपुतली की तरह उसके कहने पर नाचने लगते थे।



मायके से दो साल बाद लौटी तो बीमार थी..सोखा को भी दिखाया



रवि ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्हें कोरोना हो गया था। तब बिंदू मायके चली गई। इसके बाद दो साल तक वहीं रही, जब बात तलाक तक की आ गई, तो वर्ष 2022 में वह फिर वापस ससुराल आई। तब वह काफी बीमार हो चुकी थी। उसको क्या बीमारी थी, ये समझ में नहीं आता था। हजारों रुपये इलाज में खर्च किए। मां कई जगह सोखा (तंत्र-मंत्र वाले) के पास भी उसे ले गई। धर्मशाला चौकी के पास एक सोखा के पास उसे कई बार ले जाया गया। वह अजीब हरकतें करती थीं।
विज्ञापन






अचानक अलग रहने का फैसला लिया..बेटी को मारना गले नहीं उतरता



रवि ने बताया-जुलाई में मैं हैदराबाद गया। इसके बाद बीते सितंबर में बिंदू अचानक अलग रहने की जिद करने लगी। वह पार्वतीनगर वाले घर पर बेटी के साथ अलग रहना चाहती थी। मैंने समझाया तो वह नाराज होने लगी, तब मजबूरी में हामी भरनी पड़ी। मुश्किल से बीस दिन ही वह वहां थी और इतनी बड़ी घटना हो गई। घर पर बिंदू के मोबाइल पर बेटी नैना के कहने पर हमेशा नेट पैक डाल देता था, वह कार्टून देखती थी। इधर, तीन दिन से उसका फोन नहीं आया था तो मैंने एक अक्तूबर की शाम को कॉल की। बिंदू ने फोन उठाकर बोला कि नैना खेल रही है, बात नहीं कराई। बिंदू, बेटी से बहुत प्यार करती है। उसने आखिर उसे मारा क्यों, यह सवाल गले नहीं उतर रहा। मुझे परेशान कर रहा है। इस घटना में मैंने बेटी और पत्नी दोनों को खो दिया है। पुलिस को इसकी जांच पड़ताल कर सच्चाई बाहर लानी चाहिए।

वर्जन



बिंदू के सिर में गंभीर चोट लगी है। तभी से वह होश में नहीं आई है। डॉक्टरों की टीम निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। अभी वह खतरे से बाहर नहीं आई, उसकी हालत गंभीर है।
विज्ञापन




-डॉ. संतोष कुशवाहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें