गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से संक्रमित बाघिन मैलानी की स्थिति गंभीर है। चिड़ियाघर के पशु अस्पताल परिसर के क्रॉल में उसका इलाज चल रहा है। मैलानी की दोनों आंखें खराब हो रही हैं, इसलिए उसे स्पष्ट नहीं दिख रहा है। उसकी खुराक भी पहले से कम हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि मैलानी का उपचार किया जा रहा है।
निदेशक विकास यादव ने बताया कि बर्ड फ्लू से संक्रमित वन्यजीवों में सुधार हो रहा है। बाघिन मैलानी 14 वर्ष से ऊपर की है और पहले से बीमार है, इसलिए उसे बाड़े से हटाकर क्रॉल में रखा गया था। देखरेख करने वाली टीम ने बताया था कि जब वह आई थी तभी से उसे आंखों की समस्या थी और कम दिख रहा था।
उत्तराखंड की टीम ने भी उठाया था सवाल
शासन की ओर से भेजी गई टीम में डब्ल्यूआईआई के डॉ. पराग निगम, आईवीआरआई बरेली से डॉ. एम करिकलन, डब्ल्यूआईआई के सेवानिवृत्त हेड वाइल्ड लाइफ हेल्थ और उत्तराखंड के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीके मलिक ने दो दिन चिड़ियाघर में रहकर वन्यजीवों की जांच की थी।
इस दौरान टीम ने चिकित्सकों से सवाल किया था कि भविष्य में अगर बर्ड फ्लू फैलता है तो इसके बचाव के क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं। वन्यजीवों को बाड़े से कहां शिफ्ट करेंगे। जवाब से टीम असंतुष्ट दिखी थी।