दोपहर 12 बजे तक इंतजार करने के बाद पुलिसकर्मियों ने बताया कि अधिकारी मीटिंग में हैं। इससे नाराज होकर नेता, व्यापारी और पार्षद पुलिस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। आरोप है कि एसएसपी ने पूर्वाह्न 11 बजे मिलने का समय दिया था लेकिन कार्यालय पहुंचने पर कोई नहीं मिला।
इस दौरान चिरंजीव चौरसिया ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार रात कोतवाली क्षेत्र में स्थित उनकी किराए की दुकान को पुलिस की मिलीभगत से गिरा दिया गया। घटना में न केवल नुकसान हुआ बल्कि दुकान में लूटपाट भी की गई। वह दो दिन से दोषियों पर केस दर्ज कराने और कार्रवाई के लिए थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोतवाली थाना और दुर्गाबाड़ी चौकी प्रभारी टालमटोल कर आरोपियों की मदद कर रहे हैं।
धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।