बाड़ों का हुआ सैनिटाइजेशन, वन्यजीवों की हुई जांच
गोरखपुर। मौसम में एक बार फिर बदलाव हुआ है। तापमान में गिरावट से बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। चिड़ियाघर में इसे लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। चिड़ियाघर प्रशासन को आशंका है कि पिछली बार (विगत दिनों) ठंडे मौसम में ही बर्ड फ्लू हावी हुआ। संक्रमण का शिकार प्राणी उद्यान के कमजोर जानवर बने।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में बाघिन शक्ति और भेड़िया भैरवी की मौत एक ही तरीके से हुई थी। भैरवी की उम्र ज्यादा थी। हालांकि, दोनों तक यह संक्रमण कैसे पहुंचा यह अभी पता नहीं चल सका। शनिवार को मौसम में फिर बदलाव हुआ है। तापमान में गिरावट आने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने सभी बाड़ों को दोबारा सैनिटाइज करवाया। वन्यजीवों की भी जांच कराई गई।
दरअसल, चिड़ियाघर में इस समय बूढ़े जानवरों की भरमार है। उद्घाटन के समय दूसरे चिड़ियाघरों से वही जानवर आए जिन्होंने अपनी औसत उम्र पूरी कर ली है। अब यहां पर एक के बाद एक जानवर बीमार पड़ रहे हैं। प्राणि उद्यान में इस समय करीब 20 ऐसे मांसाहारी जानवर हैं जिनकी उम्र 12 साल से अधिक है। आईवीआरआई (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में यह कहा है कि गोरखपुर प्राणि उद्यान के अधिकांश वन्यजीवों ने अपनी औसत उम्र पार कर ली है। इन्हें अधिक देखभाल की जरूरत है। बर्ड फ्लू का खतरा भी इन्हीं जानवरों पर ज्यादा है।
ऐसे में चिड़ियाघर प्रशासन इनके स्वास्थ्य पर खास निगरानी कर रहा है। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मौसम बदलने की वजह से संक्रमण तेजी से फैल सकता है। यह हवा में फैलने वाला वायरस है। इसे लेकर खास निगरानी की जा रही है।