आंखों में सूजन से लेकर गंभीर, तीव्र श्वसन रोग और मौत तक हो सकती है
गोरखपुर। बर्ड फ्लू पक्षियों में एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है। संक्रमित पक्षी अपने लार, बलगम और मल में बर्ड फ्लू वायरस छोड़ते हैं। इससे यह हवा में तेजी से फैलता है।
पशु विशेषज्ञों का कहना है कि पशु इंफ्लूएंजा वायरस के संपर्क में आने से मनुष्यों में संक्रमण और बीमारी हो सकती है। इसमें फ्लू जैसे लक्षण या आंखों में सूजन से लेकर गंभीर, तीव्र श्वसन रोग या मृत्यु तक हो सकती है। मुर्गियों में यह वायरस तेजी से फैलते हैं और 48 घंटों के भीतर लगभग पूरे पोल्ट्री झुंड को मार सकते हैं। कम रोगजनक वायरस लक्षण पैदा नहीं कर सकते हैं या केवल हल्के लक्षण जैसे कि पंखों का उखड़ना या अंडे के उत्पादन में कमी पैदा कर सकते हैं। वायरस मुख्य रूप से मल और खांसने और छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैलता है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
- बुखार और गले में खराश
- खांसी और सांस लेने में दिक्कत
- गुलाबी आंख
- उल्टी, दस्त, मांसपेशियों में दर्द
- कुछ मामलों में निमोनिया, मेनिनजाइटिस और श्वसन में दिक्कत
डॉक्टरों की सलाह
कच्चे मांस का सेवन न करें
बीमार जानवर से दूर रहें।
पक्षियों और मवेशियों के साथ काम करते समय दस्ताने, मास्क और चश्मा पहनें।
जानवरों के संपर्क में आने के बाद हाथ अच्छी तरह से धोएं।