चिकित्सकों से ली चार जानवरों की मौत के बारे में जानकारी
19 और 20 मई को चिड़ियाघर परिसर में करेंगे संक्रमण की जांच
रविवार को भी चिड़ियाघर में मरा मिला एक कौआ
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से चार जानवरों की मौत के बाद रविवार को सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) की टीम गोरखपुर पहुंची। टीम यहां संक्रमण और अभी तक हुई जानवरों की मौतों की जांच करेगी। रविवार को टीम ने चारों जानवरों की मौत के बारे में डॉक्टरों से बातचीत की साथ ही पूरी रिपोर्ट मांगी। उधर, रविवार को भी एक कौआ मरा पाया गया।
सोमवार को टीम के सदस्य चिड़ियाघर पहुंचकर एक-एक बाड़े का निरीक्षण करने के साथ ही सभी जानवरों की सेहत जांचेंगे। चिड़ियाघर प्रशासन ने कौओं के मरने की जानकारी भी टीम से साझा की है। टीम सोमवार को कौओं के मरने वाले स्थान का निरीक्षण करेगी। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में जानवरों की मौत का संज्ञान लेते हुए सीजेडए दिल्ली ने चिकित्सकों की टीम गठित की है।
इसमें डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हसबेंडरी दिल्ली के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार तेवतिया, राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार, आईवीआरआई बरेली के वाइल्डलाइफ हेड डॉ. एम पावड़े और सीनियर पैथोलॉजिस्ट डॉ. एम करिकलन शामिल हैं।
चार जानवरों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में एक माह के अंदर चार बड़े जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हो गई। बाघिन शक्ति की मौत का कारण बर्ड फ्लू का संक्रमण बताया गया है। इसके बाद से ही पूरे प्रदेश में चिड़ियाघर बंद है।