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बर्ड फ्लू : जटायु संरक्षण केंद्र समेत चिड़ियाघर से लिए 42 सैंपल

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एक हफ्ते और बंद रहेगा चिड़ियाघर
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संक्रमित वन्यजीवों के अलावा बड़े जानवरों का लिया गया नमूना
गोरखपुर। बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच सोमवार को भौरावासी स्थित जटायु संरक्षण केंद्र और चिड़ियाघर से वन्यजीवों के 42 सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली और राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया है। उधर, चिड़ियाघर अगले एक हफ्ते के लिए भी बंद रहेगा।
कैंपियरगंज के भारीवैसी स्थित गिद्ध संरक्षण व प्रजनन केंद्र में रह रहे सात गिद्ध का भी नमूना संग्रहित किया गया। इसके अलावा संक्रमण से बचाव के लिए संरक्षण केंद्र के बाड़े को ढकवा दिया गया है, जिससे बाहरी पक्षियों का अपशिष्ट अंदर न पहुंचे। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि चिड़ियाघर में रह रहे तीन गिद्ध की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिसर की नियमित साफ-सफाई के साथ सैनिटाइजेशन का कार्य हो रहा है। बाघिन मैलानी, हिमालयन गिद्ध और तेंदुए के दो शावकों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन उनका उपचार कर रहा है। सभी स्वस्थ हैं, पाॅजिटिव मिलने के बाद से इनका दोबारा नमूना लिया गया है।
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इनके अलावा बाड़े व रामगढ़ताल के आसपास रह रहे बत्तख व पक्षियों के अपशिष्ट का कुल 35 नमूना लिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, शेर और बाघ समेत बड़े वन्यजीवों का भी नमूना लिया गया है।

चिड़ियाघर के कर्मियों की हुई जांच
बर्ड फ्लू से इंसानों में भी संक्रमण का खतरा है। चिड़ियाघर में पांच वन्यजीव इससे संक्रमित हैं। इनके इलाज में लगे चिकित्सक और कर्मियों की जांच के लिए सोमवार को आरएमआरसी की टीम चिड़ियाघर के अस्पताल में पहुंची। वहां से 51 सैंपल लिए गए। आरएमआरसी के वायरोलॉजिस्ट डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि कर्मियों में संक्रमण की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। साथ ही उन्हें सतर्क रहने को कहा गया है।

पांच वन्यजीवों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर पांच जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। बाघिन शक्ति की मौत की वजह बर्ड फ्लू से होना पाया गया। इसके अलावा बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और कॉकाटील संक्रमित हैं। वहीं, 23 मई को एक कॉकाटील की मौत भी हो गई थी।
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वर्जन...
जटायु संरक्षण केंद्र और चिड़ियाघर से 42 नमूने लेकर जांच के लिए बरेली और भोपाल भेजा गया है। संक्रमित वन्यजीवों का उपचार किया जा रहा है। अभी यह स्वस्थ हैं। प्राणि उद्यान अगले एक हफ्ते के लिए भी बंद रहेगा।
- विकास यादव, डीएफओ/निदेशक, प्राणि उद्यान
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