- उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है बिजली बिल, अभियान चला कर निगम पूरे कर रहा है लक्ष्य
- जून में बदल गई थी संस्था, नई संस्था के पास महज 70 मीटर रीडर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महानगर में बिजली निगम की बिलिंग व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बिजली निगम ने 70 मीटर रीडरों वाली कंपनी को 1.09 लाख उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर बिल निकालने का काम सौंप दिया है। मीटर रीडर न तो घर-घर पहुंच पा रहे हैं और न ही उपभोक्ताओं को बिल मिल पा रहा है। निगम की कारस्तानी से उपभोक्ता समय से बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद बिजली निगम चेकिंग अभियान चला रहा है और मेगा कैंप लगाकर राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा कर रहा है।
बिजली निगम ने उपभोक्ताओं के बिजली मीटर से बिल निकालने का जिम्मा फ्लूएंट ग्रीड नाम की कंपनी को दे दिया है। नई कंपनी ने जून से महानगर के उपभोक्ताओं के बिल निकालना भी शुरू कर दिया है। लेकिन कंपनी के पास महज 70 मीटर रीडर होने के कारण नियमित तौर पर बिल नहीं निकाले जा रहे हैं। ऐसे में कई उपभोक्ताओं को दो माह से बिल नहीं मिला है। बिल की जानकारी नहीं होने पर उपभोक्ता समय से भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
बिजली निगम बिल निकालने वाली कंपनी की नाकामी को छुपाने और राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए मेगा कैंप और बिजली चेकिंग अभियान का सहारा ले रहा है। बता दें कि शहरी क्षेत्र में करीब 2.32 लाख उपभोक्ताओं में से 1.23 लाख के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। शहर में अभी भी 1.09 लाख उपभोक्ताओं के परिसर में पुराने या डिजिटल मीटर लगे हुए हैं। जिनके बिजली मीटर से रीडिंग लेकर बिल जनरेट करने की जिम्मेदारी बिजली निगम की है। निगम ने यह जिम्मेदारी फ्लूएंट ग्रिड को दे रखा है।
कोट
शहरी मानदंड के हिसाब से मीटर रीडर बढ़ा लिए गए हैं। हालांकि शहर के अधिकाधिक क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। ऐसे में बिल निकालने वाली कंपनी को उन उपभोक्ताओं की सूची उपलब्ध करवा दी गई है जिनके परिसर में पुराने या डिजिटल मीटर लगे हुए हैं। इस माह से सभी उपभोक्ताओं की बिलिंग की जा रही है।
- ई. लोकेंद्र बहादुर सिंह, अधीक्षण अभियंता शहरी