गोरखपुर। दुबई में बैठे रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के संचालक का नेटवर्क हवाला कारोबार से जुड़ रहा है। सट्टा लगाने वालों की रकम म्यूल खाते से निकालने के बाद हवाला के जरिए दिल्ली फिर वहां से दुबई पहुंचाई जाती है। साइबर सेल टीम पड़ताल में कई चौंका देने वाली बातें सामने आ रही हैं। शाहपुर क्षेत्र में कार्यालय खोलकर ऑनलाइन सट्टा खेलाने वाले गिरोह के सरगना मनीष की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। उसके पकड़े जाने पर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हाेगा।
शाहपुर के रामजानकी नगर में अवैध ढंग से रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल चला रहे आठ जालसाजों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस गिरोह के सरगना देवरिया जिले के थाना श्रीरामपुर क्षेत्र में रहने वाले मनीष सिंह कुशवाहा की तलाश कर रही है। इसके नाम पर चार आईडी चल रही थी। इसके साथ ही गाजियाबाद के रहने वाले सूरज को भी पुलिस ढूंढ रही है। दोनों के पकड़े जाने पर इस धंधे से जुड़ी जानकारी और कई बड़े शातिरों के नाम भी सामने आ सकते हैं। अभी तक की छानबीन में पता चला है कि अन्ना रेड्डी ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के जरिए जुआ खेलने वाले लोगों के रुपये म्यूल खाते में ट्रांसफर करने के बाद निकाल लिए जाते हैं, जिसे हवाला के जरिए गेमिंग पोर्टल के संचालक तक पहुंचाया जाता है।
दुबई से चल रहा रेड्डी अन्ना पोर्टल
दुबई में रहने वाले अन्ना गेमिंग पोर्टल के संचालक को मैच में जितने रुपये का सट्टा लगता है। उसका 20 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर मिलता है, जो हवाला के जरिए पहुंचाया जाता है। शेष रुपये सट्टा में जीतने वाले और सिक्योरिटी मनी जमा करके आईडी लेने वालों को मिलती है। एक आईडी की कीमत 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
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कोट-
अन्ना रेड्डी ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के जरिए गोरखपुर में सट्टा खेलाने वाले देवरिया के मनीष व गाजियाबाद के सूरज की तलाश चल रही है। म्यूल खाते में कितने रुपये ट्रांसफर हुए, निकालने के बाद किसे दिए गए, इसकी जांच कराई जा रही है। संचालक तक रुपये पहुंचाने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।सरगना के पकड़े जाने पर स्थिति साफ होगी।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी