फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: दिल्ली में बीयर बार में बिकने से बची तो राजस्थान में चार लाख में बेची गई

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। सहजनवां के टिकरिया मिनवा की रीता देवी (43) राजस्थान में बंधक बनाने वाले के चंगुल से राजस्थानी पोशाक में (घाघरा-लुगरी) भागी थीं। ताकि अगर कोई पीछा करता तो उसकी पहचान करने में मुश्किल हो। इसमें वह कामयाब भी रहीं। रीता ने बताया कि संतकबीरनगर से उसे सूर्यकुंड बिलंदपुर की राजमति नाम की महिला धोखे से बेहोश कर ले गई थी। जब होश आया तो दिल्ली स्टेशन के पास थी। दिल्ली में पहले एक बार में बेचने की कोशिश की गई थी।
विज्ञापन

बताया कि दिल्ली स्टेशन पर दो मुस्लिम युवक और महिलाएं भी आरोपी राजमति के साथ मौजूद थी। उसे पहले दिल्ली के एक बार में सात लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया गया। विरोध पर उनकी डील टूट गई। इसके बाद राजस्थान के सिकर जिले के एक गांव में चार लाख रुपये में बेच दिया गया। वहां एक कमरे में साथ में 15 साल की किशोरी भी बंद थी। उसने बताया कि वह गुप्ता परिवार से है। उसके पांच भाई हैं। एक महिला धोखे से उसे यहां लाकर बेच दिया है। किसी तरह मुझे घर पहुंचा दो।

साथ में बनाई थी भागने की योजना
रीता ने बताया कि किशोरी ने साथ में भागने की योजना बनाई थी। बंधक बनाने वाले व्यक्ति के मायके में शादी थी। इस दौरान हम लोग साथ में निकले। मैं तो मौका देखकर भाग गई। लेकिन किशोरी भाग नहीं सकी। इसके बाद से उसका पता नहीं है।
विज्ञापन


एक व्यक्ति से कराई गई थी कोर्ट मैरिज
रीता ने बताया कि गांव में ही एक व्यक्ति से उसका कोर्ट मैरिज भी कराया गया था। दिखाने के लिए यह सब किया गया था। वहां पर रोज खाना बनाना और बकरी चराने का काम कराया जाता था। कई लोगों से घर पर बात कराने के लिए कहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। घर जाने के लिए कहने पर कहते थे कि 10 लाख रुपये दो तब जाने देंगे। मैंने यह भी कहा कि घरवालों से बात कराओ रुपये मांग लूंगी। लेकिन वे बात नहीं कराए।

बेटी को भी बेचना चाहती थी महिला
रीता ने बताया कि खलीलाबाद में काम करने वाली लड़कियों और महिलाओं पर राजमति की नजर रहती थी। मुझसे भी अचानक आकर बातचीत शुरू की। उसने मेरी बेटी के बारे में पूछा तो बताया कि वह 20 साल की है। उसने तुरंत मोबाइल नंबर मांग लिया। बेटी के मोबाइल पर कॉल कर 50 हजार रुपये की नौकरी दिलाने की लालच दी थी। लेकिन बेटी ने इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया। वह बेटी को भी बेचना चाहती थी।

बहुत दौड़ा फिर मिली पत्नी
रीता के पति दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि पत्नी के अचानक लापता होने के बाद पुलिस बहुत खोजबीन नहीं कर रही थी। इसी बीच एक दिन पत्नी की कॉल आई। पता चला कि वह राजस्थान में है। इसके बाद संतकबीर नगर पुलिस को सारी बातें बताईं। सर्विलांस की मदद से लोकेशन आया तो पहले खुद ही जाकर तलाश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। चार माह तक दौड़ने के बाद पत्नी के भागने की वजह से ही उसे खोज सका हूं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें