एसबीआई जंगल कौड़िया : फिक्स डिपाजिट के ग्राहकों को ब्याज समेत दी गई रकम
जंगल कौड़िया। भारतीय स्टेट बैंक शाखा में 71 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में विगत दिनों पीड़ित ग्राहकों को बैंक ने 33 लाख रुपये ब्याज समेत लौटा दिए। ये वे ग्राहक हैं, जिन्होंने बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया था। बैंक के इन ग्राहकों का आरोप है कि फिक्स डिपाजिट की रसीद की मूल प्रति उनके पास है, लेकिन खाते से रकम निकाल ली गई।
बैंक की आंतरिक जांच के बाद फिक्स डिपॉजिट में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। शुक्रवार को रसूलपुर चकिया के राजू सिंह को लगभग चार लाख, डाढ़ाडही की प्रमिला को चार लाख, पलिया के शिवम यादव को छह लाख, भीटी तिवारी की प्रियंका को 5. 70 लाख, रामपुर की गायत्री को छह लाख और पलिया की कृष्ण नंदिनी को 7.50 लाख रुपया बैंक ने ब्याज के साथ वापस किया है।
छह मार्च को सौंपी गई थी जांच रिपोर्ट
एसबीआई लखनऊ के सहायक महाप्रबंधक जांच एवं पूछताछ सुरेश कुमार ने 71 लाख से अधिक के बैंकिंग ऋण में भ्रष्टाचार संबंधित 78 पन्ने की जांच रिपोर्ट छह मार्च को पीपीगंज पुलिस को सौंपी थी। रिपोर्ट से पता चला कि कई मृतकों को भी ऋण दे दिया गया। कई फर्जी पशु और केसीसी ऋण जारी किए गए। बता दें कि मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण, अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार और कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज है। कैंटीन बॉय और अकाउंटेंट महीनों से जेल में हैं, जबकि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने अरेस्ट स्टे ले रखा है। क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज गौरव त्रिपाठी ने बताया बैंक में कार्यरत अगर अन्य कर्मचारी भी धोखाधड़ी के मामले में संलिप्त पाए गए तो पुलिस केस में उनका भी नाम शामिल कर सकती है।
वर्जन
उच्च अधिकारियों के आदेश के क्रम में बैंक ने फिक्स डिपाजिट के ग्राहकों को 33 लाख रुपये ब्याज समेत वापस किए हैं। वहीं कुछ लोगों के खाते के लेन-देन पर भी रोक लगाई गई है। मामलों की आंतरिक जांच उच्च अधिकारी कर रहे हैं। वहीं 30 बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है। इन खातों में हेराफेरी का पैसा गया था।
- दीपक कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई, जंगल कौड़िया