अस्पतालों में बढ़े पेट दर्द, अपच और गैस्ट्रिक के मामले
गोरखपुर। दिवाली से लेकर छठ पूजा तक फलों की भारी मांग के बीच इस बार बाजार में सबसे ज्यादा मोम लगा सेब और केमिकल से पका केला बिका है। हिमाचल और उत्तराखंड से आए सेब को अधिक आकर्षक और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए उन पर वैक्स (मोम) की परत चढ़ा दी गई थी। कृत्रिम मोम पेट के लिए हानिकारक है। इसके कुप्रभाव भी दिख रहे हैं। अस्पताल में पेट के मरीज बढ़ रहे हैं।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार केवल फूड ग्रेड मोम के सीमित मात्रा में प्रयोग की अनुमति है लेकिन जांच में यह पाया गया है कि कई दुकानदार औद्योगिक या गैर-खाद्य ग्रेड मोम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसे मोम लगे फल खाने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन लिवर पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा एलर्जी, गले में जलन और सांस की परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके सुमन ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को अस्पताल में पेट दर्द, अपच और गैस्ट्रिक के मामले बढ़े नजर आए। त्योहार में खान-पान की गड़बड़ी से मरीज बढ़े हैं। अभी दो-तीन दिन तक इनका असर दिखेगा।