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अर्पित हॉस्पिटल : अर्मेनिया से एमबीबीएस की डिग्री बनवाने का आरोपी विवेक गिरफ्तार

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27 लाख रुपये में अर्पित हॉस्पिटल के संचालक प्रवीण को विवेक ने दी एमबीबीएस की डिग्री
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वर्ष 2021 में बनवाकर दी थी डिग्री, उससे पहले बिना डिग्री संचालित हो रहा हॉस्पिटल

गोरखपुर। अर्पित हॉस्पिटल प्रकरण की जांच में अर्मेनिया की फर्जी एमबीबीएस की डिग्री बनवाने के आरोपी लखनऊ के गाजीपुर निवासी विवेक सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गुलरिहा पुलिस ने रविवार को मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भिजवाया दिया। पूछताछ में विवेक ने लखनऊ में अपने तीन साथियों के साथ एमबीबीएस की डिग्री बनाकर कर प्रवीण को 27 लाख रुपये में देने की बात स्वीकारी है। पुलिस विवेक को जेल भिजवाते हुए उसके साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
चिलुआताल क्षेत्र के करीमनगर निवासी डॉ. शमीम अंसारी वर्तमान में जिला क्षय रोग केंद्र गोरखपुर में नियुक्त हैं। उनकी ड्यूटी बीआरडी मेडिकल में है। डॉक्टर का कहना है कि वर्ष 2015 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से संबद्ध जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। आरोप है कि 2020-21 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रवीण सिंह से मुलाकात हुई। इसके बाद अर्पित हॉस्पिटल में ऑन काल डॉक्टर के रूप में डिग्री दी थी। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने ऑन काल डॉक्टर के रूप में अर्पित हॉस्पिटल में कार्य करने से मना कर दिया और सीएमओ ऑफिस में इसकी सूचना भी दे दी। बिना इजाजत के डिग्री का इस्तेमाल कर प्रवीण ने अर्पित हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया है।
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डॉक्टर शमीम ने बताया कि अर्मेनिया में डीएनबी कोर्स में एडमिशन कराने के नाम पर प्रवीण ने मुझसे भी पांच लाख रुपये हड़प लिए। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि अर्पित हॉस्पिटल के संचालक प्रवीण सिंह ने विवेक सिंह नाम के व्यक्ति से अर्मेनिया की फर्जी एमबीबीएस की डिग्री बनवाई है। मामले में पुलिस ने अर्पित हॉस्पिटल के संचालक प्रवीण सिंह और विवेक सिंह पर केस दर्ज किया। इसके बाद आरोपी विवेक की गिरफ्तारी में जुट गई।
पुलिस ने रविवार को विवेक कुमार सिंह को गुलरिहा थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। आरोपी प्रवीण कुमार को जालसाजी के मामले में पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी हैं।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर विवेक की गिरफ्तारी की गई है। फर्जी डिग्री बनवाने वाले आरोपी विवेक ने तीन साथियों बरेली के शाकिब, आजम और लखनऊ के अभिषेक यादव के नाम बताए हैं। इनकी तलाश चल रही है।
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वाराणसी व मध्य प्रदेश के 10 लोगों को एमबीबीएस की डिग्री दे चुका है विवेक
एमबीबीएस की डिग्री अर्पित हॉस्पिटल के संचालक प्रवीण को देने वाले आरोपी विवेक कुमार सिंह लखनऊ में रहता था। परिचित व जानकार लोगों के माध्यम से वह लोगों को झांसे में लेता था। इसके बाद उनसे मोटी रकम लेकर एमबीबीएस की डिग्री दिलवाता था। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि विवेक के अनुसार अभी वह गोरखपुर के अलावा वाराणसी व मध्यप्रदेश के 10 लोगों को एमबीबीएस की डिग्री दे चुका है। एक डिग्री देने पर उसे तीन से पांच लाख रुपये की बचत होती थी।
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विवेक और प्रवीण के पासपोर्ट की कराई जाएगी जांच
पुलिस के अनुसा, फर्जी एमबीबीएस की डिग्री दिलवाने का आरोपी विवेक कुमार सिंह ने पश्चिम एशिया के अर्मेनिया से दिलवाई थी। विवेक व उसके साथी कजाकिस्तान व अर्मेनिया से मेडिकल की डिग्री दिलवाते थे। विवेक कुमार कुछ वर्ष विदेश भी रहा है। पुलिस उसके और जेल में बंद प्रवीण के पासपोर्ट की जांच कराएगी। जांच के लिए सीधे एम्बेसी को पत्र लिखा जाएगा।
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