गोरखपुर। दिवाली में घर आने वालों को ट्रेनों की लेटलतीफी और अधिक तकलीफ दे रही है। स्पेशल ट्रेनें भी आठ से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। यह स्थिति तब है, जब रेलवे इन स्पेशल ट्रेनों में सामान्य से अधिक किराया वसूल कर रहा है।
मंगलवार को तो गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस भी नौ घंटे की देरी से गोरखपुर से रवाना हुई। वहीं पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 6 घंटे देर से चल रही थी। गोरखपुर स्टेशन से हर दिन 150 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। पूर्वांचल से इतनी बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में परदेस गए हैं कि ट्रेनें कम पड़ गईं हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने करीब 175 स्पेशल ट्रेनें भी चलाईं हैं, जिसमें से 48 ट्रेनें गोरखपुर स्टेशन से चल रही हैं।
इसके अलावा 22 ट्रेनें गोरखपुर स्टेशन से होकर बिहार की तरफ जा रही हैं। इसके बावजूद ट्रेनों की भीड़ कम नहीं हो रही है। अब रेलवे बोर्ड प्रमुख ट्रेनों के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनों में सीट भी बढ़ा रहा है। इन सबके बीच ट्रेनों की लेट लतीफी ने स्थिति को और कष्टप्रद बना दिया है। मंगलवार को भी गोरखपुर रूट की लगभग 10 ट्रेनें देर से चल रही थीं।
गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस को सुबह साढ़े आठ बजे गोरखपुर से रवाना होना था, लेकिन शाम साढ़े पांच बजे गई। बड़हलगंज निवासी विजय प्रजापति परिवार समेत मुंबई जा रहे थे। वहां इन्होंने घर बना लिया है। दिवाली वे हर साल मुंबई वाले घर में मनाते हैं। सुबह ही पूरा परिवार स्टेशन पर पहुंच गया था।
इसके अलावा दरभंगा-नई दिल्ली क्लाेन स्पेशल छह घंटे और आनंद विहार-मुजफ्फरपुर 6 घंटे की देरी से चल रही थी। पुणे-गोरखपुर स्पेशल भी करीब छह घंटे की देरी से गोरखपुर स्टेशन पहुंची। बरौनी-नई दिल्ली भी आठ घंटे की देरी से चली।