चार स्नातक पाठ्यक्रमों की हुई शुरुआत, 28 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
एम्स में अब छात्र एमएलटी, एमआरआईटी, ओटीटी, ओपीटी विषयों की कर सकेंगे पढ़ाई
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को सहयोगी स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर चार स्नातक पाठ्यक्रमों की शुरुआत हुई।
बीएससी मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी), बीएससी मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी (एमआरआईटी), बीएससी ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (ओटीटी) और बीएससी ऑप्टोमेट्री (ओपीटी) की पढ़ाई शुरू की गई। एम्स में सहयोगी स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा की शुरुआत की गई है। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि चार वर्ष है, इसमें तीन वर्ष का शैक्षणिक प्रशिक्षण एवं एक वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। डॉ. आराधना ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पाठ्यक्रमों में देश भर से आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयनित 28 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है जो पैरामेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं और स्वास्थ्य सेवा में योगदान देना चाहते हैं।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अध्ययन में उत्कृष्टता और मरीजों की सेवा में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी, डीन डॉ. महिमा मित्तल, डीन प्रो. डॉ. शिखा सेठ, डॉ. आनंद मोहन दीक्षित, डॉ. अजय भारती ने छात्रों को नए पाठ्यक्रम शुरू होने पर शुभकामनाएं दीं।