गोरखपुर। एम्स गोरखपुर की माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पीजी की रिक्त सीट पर बेटे का नामांकन कराने वाले पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डॉ. पॉल की गोरखपुर तैनाती के दौरान हुए इस प्रकरण की जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वे इसका जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं।
एम्स पटना के अलावा गोरखपुर के भी प्रभारी कार्यकारी निदेशक रहे डॉ. जीके पाल के बेटे डॉ. औरव पॉल का बीते 30 सितंबर को माइक्रोबायोलाॅजी विभाग में पीजी की रिक्त सीट पर चयन हुआ था। अगले दिन शिकायत हुई कि डॉ. औरव पॉल के लिए जो जाति सर्टिफिकेट बनाया गया है, उसमें माता-पिता की आय आठ लाख सालाना से कम दर्शााई गई है।
एम्स के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय से शिकायत की थी। इस पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित हुई थी। जांच कमेटी ने एक अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तक पहुंची तो उन्होंने कार्यकारी निदेशक रहे डॉ. जीके पाल को भी अपना पक्ष रखने के लिए मौका देने का निर्देश दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यकारी निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस संबंध में एम्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल का कहना है कि वे अपना पक्ष रखने के लिए जरूरी तैयारी कर रहे हैं।