इलाज में देर से मौत और विरोध में हंगामा की बात कही गई थी
गोरखपुर। एम्स में बीते 26 अगस्त को इलाज में देर की वजह से नवजात की मौत और हंगामा की घटना की जांच के लिए गठिन आठ सदस्यीय समिति की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। टीम अपनी रिपोर्ट अगले सप्ताह एम्स की कार्यकारी निदेशक को सौंपेगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से हायर सेंटर के लिए रेफर एक नवजात को एंबुलेंस से लेकर परिजन एम्स की इमरजेंसी वार्ड पहुंचे थे। वहां एंबुलेंस में ही शिशु की मौत हो गई थी। बाद में आरोप लगा कि डॉक्टरों ने इलाज में देर की, जिस वजह से शिशु की मौत हो गई थी। एम्स प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में इलाज में देर और हंगामा के आरोपों को गलत बताते हुए विधिवत जांच के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित की थी।
इसके अलावा एम्स प्रबंधन ने इमरजेंसी वार्ड में आने वाले गंभीर मरीजों के इलाज के लिए अलग से गाइड लाइन भी जारी किया था। एम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. आराधना ने बताया कि जांच की रिपोर्ट अगले सप्ताह मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में अगर लापरवाही की बात साबित होती है तो संबंधित पर कार्रवाई होगी।