गोरखपुर। एम्स में एमबीबीएस की एक छात्रा के अटेंडेंस को लेकर अब दिशा निर्देश जारी किया गया है। एम्स प्रशासन ने वर्ष 2020 बैच की कोविड काल का अटेंडेंस पूरा करने के लिए 2023 बैच के साथ पढ़ाई करने का निर्देश दिया है। जबकि छात्रा का कहना है कि उसके बैच के अन्य सभी छात्रों को प्रमोशन देते हुए अंतिम मैच में पहुंचा दिया गया है। मेरे साथ अन्याय भरा निर्णय है।
छात्रा ने बताया कि 2020 बैच में कुछ कक्षाएं ऑनलाइन चली थी। ऑफलाइन कक्षाओं में बहुत सारे छात्र उपस्थित नहीं हो पाए। जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अगली कक्षा में पदोन्नति दी गई थी। वह सभी फाइनल ईयर में आ चुके हैं। जबकि मुझे पहले साल में ही रखा गया है। इसके पीछे कारण यह बताया गया है कि उसका कोविड काल का अटेंडेंस अब तक पूरा नहीं हो पाया है। छात्रा कोर्ट गई थी, जहां से प्रशासन को ही निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था। तबसे छात्रा डॉक्टर सुरेखा किशोर, डॉक्टर जीके पाल और अब डॉक्टर अजय कुमार सिंह से भी गुहार लगा रही है। दो दिन पहले छात्रा को अपने बचे अटेंडेंस को पूरा करने के लिए 2023 बैच के साथ पढ़ाई करने का निर्देश दिया गया है। अपने से तीन साल जूनियर छात्रों के साथ पढ़ाई को लेकर छात्रा तनाव में है।