एम्स में अब एक ही गेट से प्रवेश और निकास, सुरक्षा कारणों से गेट नंबर तीन भी बंद
एम्स में आने-जाने के लिए बनाए गए हैं चार गेट
गोरखपुर (एम्स)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अब केवल गेट नंबर दो से ही मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस की आवाजाही होगी। मंगलवार को अस्पताल प्रशासन ने गेट नंबर तीन को भी बंद कर दिया। अब केवल गेट नंबर दो ही पूरी तरह से सक्रिय है।
बता दें कि, एम्स में कुल चार मुख्य गेट हैं। दो गेट (नंबर एक और दो) कुशीनगर रोड की तरफ और दो गेट (नंबर तीन और चार) देवरिया रोड की ओर स्थित हैं। इनमें से गेट नंबर एक और चार पहले से ही बंद कर दिए गए थे। गेट नंबर चार पर केवल एक छोटा पैदल गेट खुला है, जहां बैरियर लगाकर छात्रों को पैदल चलने की अनुमति है, लेकिन वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। गेट नंबर तीन के सामने गिरधारगंज बाजार और कुनराघाट सब्जी मंडी है, जहां दिनभर अत्यधिक भीड़ रहती है। इसी कारण इस गेट से निकलने वाले वाहनों के चलते बाजार में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। जोखिम को देखते हुए मंगलवार की दोपहर गेट नंबर तीन को भी बंद कर दिया गया। गेट के बाहर ब्रेकर भी नहीं बना है, ऐसे में तेज गति में वाहनों के आने-जाने से दुर्घटना होती रहती है। हाल-फिलहाल में चार घटनाएं हो चुकी हैं।
नवगठित सुरक्षा बल ने संभाली कमान
कोर कंपनी का टेंडर समाप्त होने के बाद अब एम्स परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूर्व सैनिक कल्याण निगम के सुरक्षाकर्मियों को सौंपी गई है। मंगलवार से इन सुरक्षाकर्मियों ने कार्यभार संभालना शुरू कर दिया। महिला सुरक्षाकर्मियों को प्रशासनिक भवन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि पुरुष सुरक्षाकर्मी सुबह से ही गेट नंबर दो और तीन पर काली पोशाक में तैनात नजर आए।