30 जून को होने वाले दीक्षांत समारोह के लिए स्वर्ण पदकों के नाम हुए तय
राष्ट्रपति सात टॉपरों को गोल्ड मेडल पहनाकर करेंगी सम्मानित
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 30 जून को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में अब स्वर्ण पदकों के नाम का निर्धारण कर दिया गया है। दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस, एमएससी मेडिकल और एमएससी नर्सिंग छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू टॉपर 7 विद्यार्थियों को अपने हाथों से गोल्ड मेडल और डिग्री प्रदान करेंगी। दीक्षांत समारोह में कुल 61 छात्रों को डिग्री और मेडल दिए जाएंगे। इनमें 9 छात्रों को उनके विशिष्ट विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे।
एम्स गोरखपुर के मीडिया प्रभारी डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर छात्रों के प्रशिक्षण तक हर पहलू को बारीकी से देखा जा रहा है। अब छात्रों को दिए जाने वाले पदकों के नाम का भी निर्धारण कर दिया गया है।
विषयवार टॉपर छात्रों को मिले गोल्ड मेडल
नाम पदक विषय
- डॉ. कार्तिक अरोड़ा - इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल- एमबीबीएस बैच सर्वाधिक अंक
- डॉ. मानस पंत- सुश्रुत गोल्ड मेडल- जनरल सर्जरी की परीक्षा में सर्वाधिक अंक
- डॉ. कार्तिक अरोड़ा- चरक गोल्ड मेडल- एमबीबीएस जनरल मेडिसिन में सर्वाधिक अंक
- डॉ. आजमी अमीना अयाज़- डॉ. केसी चौधरी गोल्ड मेडल- पीडियाट्रिक्स में सर्वोच्च अंक
- पारुल यादव व श्वेता कुमारी (संयुक्त)- डॉ. वीएन शिरोडकर मेडल- ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी
- डॉ. आदित्य पांडेय- डॉ. सुशीला नायर गोल्ड मेडल- कम्युनिटी मेडिसिन और फैमिली मेडिसिन
- सौम्या पांडेय - गोल्ड मेडल - एमएससी मेडिकल में सर्वोच्च अंक
- वैभव शर्मा- गोल्ड मेडल - एमएससी नर्सिंग 2022 में उत्कृष्ट प्रदर्शन
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एमबीबीएस टॉपर कार्तिक बनना चाहते है रेडियोलॉजिस्ट
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गोरखपुर। एम्स में 2019 बैच के छात्र रहे डॉ. कार्तिक अरोड़ा को दीक्षांत समारोह में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने पर इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल से राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले डॉ. कार्तिक को (सर्वश्रेष्ठ स्नातक) और चरक गोल्ड मेडल (मेडिसिन में सर्वोच्च अंक) से नवाजा जाएगा। कार्तिक के पिता कृष्ण कुमार अरोड़ा पाली में रेस्तरां संचालित करते हैं और माता गायत्री अरोड़ा गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई वैभव अरोड़ा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। कार्तिक ने 10वीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 93 फीसदी अंक प्राप्त किए। एम्स यूजी 2019 में ऑल इंडिया रैंक 1260 लाकर उन्होंने एम्स गोरखपुर में प्रवेश लिया। हाल ही में जारी आईएनआईसीईटी पीजी की की परीक्षा में भी देशभर में 25वां स्थान हासिल किया है। कार्तिक का सपना है कि वे एक उत्कृष्ट रेडियोलॉजिस्ट बनें। कार्तिक ने बताया कि तैयारी के दौरान वे अपने नाना, मामा और मामी के साथ रहे। परिवार का प्यार, शिक्षकों का मार्गदर्शन और उनकी कड़ी मेहनत ही उनकी सफलता की कुंजी रही। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, सीनियर्स और शिक्षकों को दिया है। संवाद
राष्ट्रपति करेंगी ब्रोशर का लोकार्पण
गोरखपुर। एम्स अपने पहले एमबीबीएस बैच (2019) को एक ऐतिहासिक स्वरूप देने जा रहा है। संस्थान ने बैच के सभी छात्रों का नाम, पता और अन्य विवरण दर्ज करते हुए एक विशेष ब्रोशर तैयार किया है, जिसका लोकार्पण 30 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि यह ब्रोशर संस्थान की दीवारों पर स्थायी रूप से प्रदर्शित रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के छात्र भी संस्थान के पहले बैच से प्रेरणा ले सकें। यह प्रयास न केवल एम्स गोरखपुर की शैक्षणिक परंपरा को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान के इतिहास को भी संरक्षित करेगा। यह ब्रोशर संस्थान की स्मृतियों का एक अमूल्य दस्तावेज होगा।
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एम्स दीक्षांत समारोह : हो रहे सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
- डीआईजी और एसएसपी ने लिया जायजा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर (एम्स)। एम्स में 30 जून को होने वाले पहले दीक्षांत समारोह और राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। बुधवार को डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा और एसएसपी डॉ. राजकरन नय्यर ने एम्स परिसर का दौरा किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
अधिकारियों ने ऑडिटोरियम में बैठने की क्षमता, प्रवेश-निकास मार्ग, विशिष्ट अतिथियों की सूची और सुरक्षा बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को बताया गया कि ऑडिटोरियम में लगभग 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्स परिसर में पहले बंद की गई पुलिस चौकी को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। यह चौकी अब रैन बसेरे के पास स्थापित की गई है, जहां एक उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मी 24 घंटे मुस्तैदी से तैनात किए गए हैं।