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गोरखपुर एम्स: ED ने छात्रों के साथ खाया खाना, आरोप- मीनू के हिसाब से नहीं मिलता खाना; खाने में मिला था कीड़ा

Sun, 14 Sep 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कुछ छात्राें ने बताया कि मेस में सबसे खराब हालत सब्जी की रहती है। हरी सब्जियां कभी कभार ही पकती हैं। अधिकांश दिन आलू से ही काम चलता है। इसको लेकर पहले भी आपत्ति हो चुकी है। पिछले साल भी मेस को लेकर काफी हंगामा मचा था। तब यहां के कार्यकारी निदेशक रहे डॉ. जीके पॉल ने रात में औचक निरीक्षण किया था। तब मेस के फ्रिज से खराब आटा, पनीर आदि भी मिला था।
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गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स के मेस में कीड़े ने एक बार फिर चौंकाया है। एक साल में यह तीसरी बार है, जब छात्रों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। हालांकि, कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने यहां कार्यभार ग्रहण करते ही मेस में सफाई के साथ खुली नालियों को ढकने समेत कई उपाय कराए थे, फिर भी कीड़ा कहीं न कहीं से खाने में पहुंच ही जाता है।

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अब छात्र सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। बताया जा रहा है कॉकरोच मिलने के बाद छात्रों ने कैंटीन में कुछ हंगामा किया था। इस दौरान फेकल्टी ने आकर छात्रों को समझाया और गुस्सा शांत करवाया।

सोशल मीडिया पर एक दिन पहले खाने में कीड़ा मिलने और रायता में पानी अधिक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। प्रकरण की जानकारी होने पर ही शनिवार सुबह कार्यकारी निदेशक विभा दत्ता ने कैंटीन का निरीक्षण किया। खाने के अलाव साफ सफाई का जायजा किया और मौके पर कुछ छात्रों से भी बातचीत की।

छात्रों ने बताया कि जुलाई महीने में ही एक छात्र की थाली में परोसे गए प्याज में कीड़ा निकला। छात्र ने इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर साझा की और प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी। इससे पहले भी कई बार खाने में कीड़े, अधपके सब्जियां, रायता में पानी मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

छात्रों का आरोप है कि जब से मेस का संचालन शुरू हुआ है, तब से ही खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें रही हैं। छात्रों ने बताया कि शिकायत करने पर अगली बार ध्यान देंगे कहकर शांत करा दिया जता है।

ईडी ने मेस में खाना खाया, सात सदस्यीय कमेटी रखेगी निगरानी
मेस के खाने में कीड़े मिलने की घटना के बाद शनिवार को मेस पहुंचीं कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने छात्रों और सीनियर प्रोफेसर के साथ मेस में बैठकर भोजन किया और उसकी गुणवत्ता परखी। छात्रों ने बताया कि वहीं पर यह बताया गया कि निगरानी के लिए सात सदस्यीय मेस कम्युनिटी कमेटी का गठन किया गया है।
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कमेटी में सीनियर डॉक्टरों को शामिल किया गया है। यह टीम सभी मेस के खाने की रैंडम जांच करेगी और छात्रों के साथ खाना भी खाएंगे। छात्रों को निर्देश दिया गया है कि वे खाने में किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत मेस कम्युनिटी टीम को जानकारी दें। इसके अलावा मेस संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

मीनू के अनुसार नहीं बनता भोजन
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कुछ छात्राें ने बताया कि मेस में सबसे खराब हालत सब्जी की रहती है। हरी सब्जियां कभी कभार ही पकती हैं। अधिकांश दिन आलू से ही काम चलता है। इसको लेकर पहले भी आपत्ति हो चुकी है। पिछले साल भी मेस को लेकर काफी हंगामा मचा था। तब यहां के कार्यकारी निदेशक रहे डॉ. जीके पॉल ने रात में औचक निरीक्षण किया था। तब मेस के फ्रिज से खराब आटा, पनीर आदि भी मिला था।
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