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एम्स दीक्षांत: 28 से शुरू होगी रिहर्सल.... आने लगे छात्र

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दीक्षांत समारोह की उल्टी गिनती शुरू, 28 जून से छात्रों का रिहर्सल, राष्ट्रपति करेंगी शिरकत
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गोरखपुर। एम्स का पहला दीक्षांत समारोह 30 जून को भव्य तरीके से आयोजित होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 28 जून से छात्रों का रिहर्सल शुरू हो जाएगा।
एम्स के 61 विद्यार्थियों को मेडल और डिग्री से सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 48 एमबीबीएस, 8 एमएससी नर्सिंग और 5 एमएससी मेडिकल के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सात टॉपर्स को राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल और प्रमाणपत्र मिलेगा। इन गोल्ड मेडल को ऐतिहासिक नामों जैसे चरक, सुश्रुत, डॉ. सुशीला नैयर और डॉ. वीएन शिरोडकर से नामित किया गया है।
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समारोह के लिए एम्स परिसर को सजाया जा रहा है। ऑडिटोरियम की कुर्सियों से लेकर पर्दों तक को बदला जा रहा है। छात्रों और संकाय के लिए पारंपरिक ड्रेस कोड तय किया गया है। छात्रों को दिल्ली से मंगाई गई सदरी और कुर्ता-पायजामा तथा छात्राओं को साड़ी पहननी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी ने निरीक्षण कर ऑडिटोरियम में बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की है। राष्ट्रपति के लिए एक घंटे का कार्यक्रम तय किया गया है। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि आमंत्रण भेजे जा चुके हैं और दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।


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बचपन से ही मेधावी हैं डॉ कार्तिक अरोड़ा
गोरखपुर। एम्स में 2019 बैच के छात्र रहे डॉ. कार्तिक अरोड़ा को सबसे अधिक अंक प्राप्त करने पर इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल से राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। राजस्थान के पाली जिले के डॉ. कार्तिक अरोड़ा को इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल (सर्वश्रेष्ठ स्नातक) और चरक गोल्ड मेडल (मेडिसिन में सर्वोच्च अंक) से नवाजा जाएगा। कार्तिक के पिता कृष्ण कुमार अरोड़ा पाली में रेस्तरां व्यवसायी और माता गायत्री अरोड़ा गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई वैभव अरोड़ा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। कार्तिक ने 10वीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 93 फीसदी अंक प्राप्त किया था। एम्स यूजी 2019 में ऑल इंडिया रैंक 1260 लाकर उन्होंने एम्स गोरखपुर में प्रवेश लिया। हाल ही में जारी आईएनआईसीईटी पीजी की की परीक्षा में भी देशभर में 25 वां स्थान हासिल किया है। कार्तिक एक रेडियोलॉजिस्ट बनकर सटीक जांच एवं निदान के माध्यम से मरीजों की सेवा करना चाहते है। कार्तिक ने परिवार का प्यार, शिक्षकों का मार्गदर्शन और उनकी कड़ी मेहनत ही उनकी सफलता की कुंजी बताया।
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दसवीं में पढ़ने के दौरान बनाया था डॉक्टर बनने का लक्ष्य
डॉ. मानस को सर्जरी में सर्वोच्च अंक के लिए सुश्रुत गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मानस देहरादून (उत्तराखंड) निवासी और एम्स के एमबीबीएस 2019 बैच के छात्र हैं।पिता तरूण पंत व्यवसायी और मां अदिति पंत गृहिणी हैं। 10वीं कक्षा पढ़ते समय ही डॉक्टर बनने का सपना लेकर उसकी तैयारी शुरू कर दी थी। मानस की सफलता में उनके माता-पिता की भूमिका बेहद अहम रही। एक रिश्तेदार जो कि एक कार्डियोलॉजिस्ट है, उन्हें मार्गदर्शन बताया। एम्स में बिताए 5.5 वर्षों को याद कर डॉ मानस भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यहां की हर चीज ने मुझे बेहतर इंसान और डॉक्टर बनाया है। अब राष्ट्रपति के हाथों मेडल प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं।
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डॉक्टर माता-पिता से मिली प्रेरणा
एमबीबीएस 2019 बैच की छात्रा डॉ. अमीना अयाज आजमी को बालरोग विषय में डॉ. केसी चौधरी गोल्ड मेडल मिलेगा। डॉ. अमीना के माता- पिता खलीदा आजमी और अयाज आजमी दोनों ही डॉक्टर हैं, जिन्हें मरीजों की सेवा करते हुए देखकर बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। महाराष्ट्र के वसई, मुंबई की रहने वाली डॉ. अमीना ने 12वीं तक की पढ़ाई वसई से पूरी की। डॉ. अमीना ने बताया कि माता-पिता को लोगों की जिंदगी बदलते हुए देखा और तभी तय कर लिया था कि मुझे भी यही करना है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने एक ब्रेक लेकर अपनी रणनीति को फिर से तय किया और इसके बाद 2019 में एम्स में एमबीबीएस में दाखिला लिया। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और सीनियर्स को देते हुए कहा कि हर किसी की यात्रा अलग होती है। अपने सपनों को पाने के लिए खुद पर विश्वास रखें, वर्तमान में जीएं और लगातार प्रयास करते रहें। जल्दबाजी न करें, सब कुछ सही समय पर होगा।
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