रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती की जांच में मामला उजागर
- कड़ाई से पूछताछ में कबूली कईं वारदातें
गोरखपुर। रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर हुई डकैती की जांच के दौरान गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जिलेभर में चलाए गए सघन अभियान के तहत 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी क्रम में लेखपाल श्याम कन्हैया और दरोगा जितेंद्र यादव के घरों में चोरी करने वाले दो बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने इन वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। साथ ही चोरी की अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती की घटना के बाद जिले के सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया था। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले गए और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। इसी दौरान संभल जिले के रहने वाले अफजाल और वसीम पुलिस के शक के दायरे में आए। वारदात स्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद संदिग्धों के शक्ल-सूरत और कद-काठी का मिलान होने पर दोनों को हिरासत में लिया गया।
थाना गीडा पुलिस की ओर से सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों बदमाशों ने गीडा क्षेत्र में बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले इलाके की रेकी करते थे और घर बंद मिलने पर ताला तोड़कर नकदी व जेवरात चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वे सामान को आपस में बांट लेते और पहचान छिपाने के लिए दूसरे जिलों में चले जाते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार बदमाश बेहद शातिर हैं और लंबे समय से अलग-अलग जिलों में चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देते आ रहे थे। पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
लंबा है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी अफजाल का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ गीडा और खोराबार थानों में चोरी के तीन ताजा प्राथमिकी दर्ज हैं। इसके अलावा बदायूं, मेरठ और मुरादाबाद जिलों में लूट, चोरी, गृहभेदन और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन मामलों में वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अफजाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था और बाहर आते ही दोबारा आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
वहीं, वसीम के खिलाफ भी गीडा और खोराबार थानों में चोरी के गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों अपराधी लंबे समय तक कानून से बचते रहे लेकिन इस बार सघन जांच और सख्ती के चलते उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।