बासंगांव इलाके की घटना, दोनों पक्षों को मिली सजा
गोरखपुर। तेजाब फेंककर घायल करने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बांसगांव ने थानाक्षेत्र के पाली निवासी संतोष को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 22 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह माह कारावास अलग से भुगतना पड़ेगा। वहीं इस मामले में चार अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है।
घटना 28 जून 1983 की 10:30 बजे दिन की है। वादी राम नयन राय अपने बांस की खूंटी व मड़ई के लिए चहारदीवारी बना कर घेर रहा था। दोषी अपने परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ आकर उसकी चहारदीवारी उजाड़ने लगा। वादी व उसके भाई ने उजाड़ने से मना किया तो संतोष व उसके साथ के लोग उनके ऊपर तेजाब फेंकने लगे। इसमें वादी व उसके भाई और मौके पर उपस्थित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उक्त निर्णय दिया। इस घटना के संबंध में दूसरे पक्ष की ओर से भी तेजाब फेंकने और मारपीट का केस दर्ज कराया गया था। मारपीट का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन वर्मा ने रामनयन राय, राम प्रताप व दीनानाथ को दो वर्ष के कठोर कारावास व राम नयन तथा दीनानाथ को नौ हजार पांच सौ रुपये व राम प्रताप को 14 हजार 500 रुपये अर्थदंड एवं दोषी कौशल को छह माह कारावास की सजा सुनाई है।