एमएसआई इंटर कॉलेज में साहित्यिक संस्था आयाम की तरफ से आयोजित हुआ कार्यक्रम
गोरखपुर। साहित्यिक संस्था आयाम की तरफ से रविवार को एमएसआई इंटर काॅलेज के पुस्तकालय भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें, चंडीगढ़ से आईं कवि, शोधकर्ता और खोजी इतिहासकार डाॅ. राजवंती मान को इस वर्ष के आयाम सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने ब्रिटेन के अभिलेखागारों से अंग्रेजों के समय प्रतिबंधित साहित्य को संकलित कर कई पुस्तकों को लिखा है। इसमें जलियां वाला बाग की कराहें प्रमुख है।
संस्था के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राजवंती मान एक जानी मानी हस्ती हैं। उन्होंने इतिहास और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने जलिया वाला बाग की कराहें नामक पुस्तक में उस त्रासदी का जिक्र ठीक ढंग से किया है। इसमें निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गईं थीं। उन्होंने कविताएं भी लिखी हैं। अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्व विद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. चंद्रभूषण अंकुर ने कहा कि डॉ. मान ने अपने लगन और परिश्रम से स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लिखे मगर ज़ब्त कर लिये गये गुमनाम साहित्य की खोज करके न केवल साहित्य बल्कि इतिहास का दायरा बड़ा किया है। आयाम के संयोजक देवेंद्र आर्य ने डाॅ. राजवंती का सम्मान करते हुए कहा कि उन्होंने यहां आकर न केवल आयाम बल्कि गोरखपुर का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर राजवंती मान ने अपने इतिहास और साहित्य लेखन के उद्देश्य और अनुभवों को विस्तार से साझा किया और अपनी चुनिंदा कविताओं का पाठ भी किया।
समारोह में डाॅ. गौर हरि बेहरा, डाॅ. वेदप्रकाश पांडेय, रंजना जायसवाल, प्रदीप सुविज्ञ, डाॅ. भारत भूषण, अशोक चौधरी, राजाराम चौधरी, आई.एच.सिद्दीकी, सुभाष चौधरी, धर्मेंद्र त्रिपाठी, डाॅ. फूल चंद्र गुप्त, जगदीश लाल श्रीवास्तव, रवींद्र मोहन त्रिपाठी, रवीश आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।