गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में माता-पिता की ओर से नकारे गए शिशुओं की सुरक्षा और देखभाल के लिए हाईटेक सेंसर युक्त आश्रय पालना देखरेख के अभाव में धूल फांक रहा है। स्त्री रोग विभाग के पिछले द्वार के पास इस पालने को 2022 में स्थापित किया गया था। पालने की जिम्मेदारी के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। साथ ही पालने का सेंसर भी काम नहीं कर रहा।
पालना की स्थापना का उद्देश्य उन नवजात शिशुओं को सुरक्षित आश्रय और देखभाल प्रदान करना है, जिनके माता-पिता उन्हें किसी कारणवश छोड़ गए हैं। पालने की स्थापना ऐसे स्थान पर किया गया है, जहां कम लोग ही आते- जाते हैं। सेंसर की मदद से पालने में रखे गए बच्चे की जानकारी तुरंत अस्पताल प्रशासन को मिलने की व्यवस्था की गई थी, जो इस समय दिखाई नहीं देती है। इस संबंध में बाल रोग संस्था के विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि बाल रोग संस्थान के पास आश्रय पालना के लिए सुरक्षित स्थान खोजे जा रहे हैं। एक बार स्थान तय होने के बाद पालने को बाल रोग संस्थान के पास स्थानांतरित कर दिया जाएगा।