गीडा बोर्ड की बैठक में औद्योगिक गलियारे के मास्टर प्लान व आवासीय योजना के ले-आउट को मिली मंजूरी
परियोजनाओं में देरी पर सहायक प्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक समेत दो अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस
गोरखपुर। धुरियापार में 5500 एकड़ में औद्योगिक गलियारा और गीडा क्षेत्र के चक भोप में 150 एकड़ में प्रस्तावित आवासीय योजना का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को गीडा की बोर्ड बैठक में औद्योगिक गलियारे के मास्टर प्लान और चकभोप में आवासीय योजना के ले-आउट को मंजूरी मिल गई। वहीं, कमिश्नर ने परियोजनाओं में देरी पर गीडा के सहायक प्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और दो अवर अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बुधवार को आयुक्त सभागार में हुई बोर्ड बैठक में धुरियापार औद्योगिक गलियारा बसाने की योजना का मास्टर प्लान गीडा सीईओ अनुज मलिक ने प्रस्तुत किया, जिसे बोर्ड के सदस्यों ने मंजूरी दे दी। कमिश्नर ने धुरियापार योजना का ले-आउट 45 दिन के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने गीडा प्रशासन को परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया। सीईओ को निर्देशित किया कि लेटलतीफी के जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
इस नए औद्योगिक क्षेत्र में ही अदाणी समूह समेत तीन कंपनियों को सीमेंट फैक्टरी लगाने के लिए जमीन का आवंटन होना है। मास्टर प्लान के मंजूर होने के बाद अब सड़क-नाली, पथ प्रकाश की व्यवस्था शुरू होगी। इसके बाद वहां भी गीडा की तरह ही फैक्टरियों के लिए जमीन आवंटन शुरू हो जाएगा।
इसके अलावा गीडा क्षेत्र के चक भोप में 150 एकड़ में प्रस्तावित आवासीय योजना के ले आउट को भी मंजूरी मिली है। कमिश्नर ने करीब 500 आवासीय भूखंड वाली परियोजना को समय से धरातल पर लाने के लिए सप्ताह भर के अंदर टेंडर निकाल कर विकास के कार्य को शुरू करने का निर्देश गीडा प्रशासन को दिया है।
ऑफलाइन आवेदन न हों स्वीकृत
कमिश्नर ने गीडा की योजनाओं से लेकर सभी प्रमुख जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करने का निर्देश दिया। कहा कि सारी सूचनाएं वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएं। गीडा की ओर से जो भी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, उनके सभी आवेदन ऑनलाइन रूप से स्वीकृत किए जाएं। किसी भी दशा में कोई आवेदन ऑफलाइन स्वीकृत नहीं होना चाहिए। कमिश्नर ने उद्यमियों से बराबर संवाद कर उनकी परेशानियों को दूर करने का भी निर्देश दिया।
नए सिरे से बनेगी सीईटीपी की डीपीआर
कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) पर गीडा सीईओ ने बताया कि इसका आरएफसी किया जा चुका है। अगले सप्ताह से डीपीआर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। सीईओ ने बताया कि अभी तक गीडा की ओर से 600.90 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। साथ ही गीडा के पास 1000 एकड़ का लैंड बैंक है।