त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए मंगलवार को गोरखपुर और बस्ती मंडल के पांच जिलों में आरक्षण की स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। गोरखपुर, संतकबीरनगर, देवरिया, महराजगंज और बस्ती के जिला प्रशासन की ओर से देर शाम जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और ग्राम प्रधानों के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची (अंतिम से पहले की) जारी कर दी गई। वहीं, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर जिलों की सूची बुधवार को जारी होने की संभावना है।
जिला पंचायत वार्डों के आरक्षण की जारी अनंतिम सूची के मुताबिक गोरखपुर में 45 वार्ड ओबीसी, एससी और महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 23 वार्ड अनारक्षित हैं। जिला पंचायत वार्ड का चुनाव राजनीतिक दल भी लड़ेंगे। इसकी तैयारियों में भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के नेता जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ, जिले की ग्राम पंचायत की 1294, ब्लॉक प्रमुख की 20, क्षेत्र पंचायत सदस्य की 1700 और ग्राम पंचायत सदस्य की 16,372 सीटों की भी अनंतिम आरक्षण सूची जारी की गई है।
नगर निगम, नगर पंचायत और नगरपालिका परिषदों का दायरा बढ़ने के साथ ही गोरखपुर में जिला पंचायत वार्डों की संख्या घटकर 68 हो गई है। इससे पहले 73 वार्ड थे। इस तरह पांच वार्डों का वजूद खत्म हो गया है। अब 68 वार्डों में जीत-हार के लिए जोर आजमाइश होगी। जिला प्रशासन ने आरक्षण की जो सूची जारी की है, उसके मुताबिक 16 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इसमें से छह महिला तो 10 पुरुषों के लिए हैं। ओबीसी के लिए 18 सीटें आरक्षित हैं। इसमें से 12 पिछड़ा वर्ग पुरुष और छह पिछड़ा वर्ग महिला के लिए हैं। अनारक्षित महिला के लिए 11 वार्ड छोड़े गए हैं। इन वार्डों से किसी भी जाति की महिला चुनाव लड़ सकती हैं। 23 वार्ड अनारक्षित हैं। इन वार्डों से कोई भी चुनाव लड़ सकता है।
जिला मुख्यालयों और ब्लॉकों पर सूची चस्पा
आमजन के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जिला मुख्यालयों और ब्लॉकों पर चस्पा कर दी गई है। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक चार से आठ मार्च तक आरक्षण सूची के संबंध में आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। शिकायतकर्ता जिला मुख्यालय के अलावा ब्लॉकों पर भी आपत्ति के लिए आवेदन दे सकते हैं। 9 से 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 14 मार्च को आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। 15 मार्च को इसे पंचायतीराज निदेशालय को भेज दिया जाएगा।
सूची देखने उमड़े लोग
आरक्षण की स्थिति जानने के लिए दिन भर लोग बेताब दिखे। दोपहर से ही ब्लॉक मुख्यालयों से लेकर डीपीआरओ कार्यालयों तक लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन की ओर से सूची जारी होते ही देखने के लिए लोग टूट पड़े। जिसके मन मुताबिक सूची नहीं थी वह तो निराश हो गया और प्रशासन को कोसने लगा, जबकि जिसे सूची अपने अनुकूल लगी वह खुश हो गया।