गोरखपुर। 6000 एकड़ में वैदिक सिटी की तर्ज पर विकसित होने वाले ‘नया गोरखपुर’ के लिए नवरात्र के दूसरे दिन बालापार के 20 किसानों ने 12.09 करोड़ रुपये में 2.85661 हेक्टेयर जमीन समझौते के आधार पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के नाम रजिस्ट्री की। जबकि, रजिस्ट्री दफ्तर में वक्त न मिलने से मानीराम के तकरीबन 20 किसानों को शनिवार की तिथि लेकर लौटना पड़ा।
प्राधिकरण के सचिव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नवरात्र में जमीन बिक्री के लिए लोगों में काफी रुझान है। फिलहाल शुक्रवार तक बालापार और मानीराम गांव मिलाकर समझौते के आधार पर 33.347 हेक्टेयर (82.40 एकड़) जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। 08 फीसदी स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री फीस छोड़ कर 123.09 करोड़ रुपये 313 रजिस्ट्री के जरिए 314 किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है।
प्रथम चरण में बालापार गांव में समझौते के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें शुक्रवार तक 224 किसानों ने समझौते के आधार पर 24.68401 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री की है। इसके अतिरिक्त मानीराम के 72 किसानों ने 8.6631 हेक्टेयर (यानी 21.41 एकड़) जमीन की रजिस्ट्री की है। प्राधिकरण पिपराइच रोड पर प्रथम चरण में चार गांव मानीराम, रहमत नगर, सोनबरसा और बालापार की 158.377 हेक्टेयर जमीन समझौते के आधार पर खरीद रहा है, जिसके लिए सर्किल रेट का चार गुना यानी तीन करोड़ 35 लाख 70 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित दर से भुगतान किया जा रहा है।