गोरखपुर। ठंड शुरू होने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों के 18 हजार छात्र स्वेटर-जूते से वंचित हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि अभी तक नहीं मिलने उन्हें ठंड में ठिठुरते स्कूल जाना पड़ रहा है। धनराशि न मिलने के पीछे बताया जा रहा है कि छात्रों का आधार कार्ड न बनने से सत्यापन नहीं हो सका है। ऐसे में इस बार अभिभावकों को स्वेटर-जूते खरीदने होंगे।
जिले में परिषदीय विद्यालयों में 2.60 लाख बच्चे नामांकित हैं। वर्तमान सत्र में 2.42 लाख बच्चे डीबीटी के माध्यम से स्वेटर और जूते के लिए मिलने वाली धनराशि के लिए पात्र माने गए हैं। वहीं 18 हजार बच्चों को इस साल स्वेटर और जूते के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि से वंचित होना पड़ेगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि वर्तमान सत्र में दिसंबर महीने तक 2,10,583 बच्चों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी जा चुकी है। इस माह के अंत तक शेष पात्र बच्चों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। पहले विद्यालय के माध्यम से स्वेटर एवं जूते का वितरण किया जाता था। अब डीबीटी के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों के खाते में प्रतिछात्र 1200 रुपये स्वेटर और जूते के लिए भेजे जाते हैं। बच्चों का प्रवेश शुरू होते ही विद्यालय में आधार कार्ड बनवाने के लिए कैंप भी लगाया गया था। इसके बाद भी बहुत से अभिभावकों ने आधार कार्ड नहीं बनवाया। आधार कार्ड में सत्यापन त्रुटि, अभिभावकों की ओर से आधार कार्ड जमा नहीं करना, सितंबर महीने के बाद प्रवेश कराने के कारण भी खाते में धनराशि नहीं पहुंच सकी है।
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ठंड में अभिभावकों को मिली धनराशि से छात्रों को स्वेटर और जूते खरीदने के लिए कहा गया है। आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण छात्र धनराशि से वंचित हो गए हैं।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए