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Gorakhpur News: सीज ट्रक पर रंगे लाल आलू के 200 में से मिले 100 बोरे, आज आएगी जांच रिपोर्ट

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महेवा मंडी में सीज कर दिया गया था दो ट्रकों पर लदा आलू, एक की सील टूटी मिलने से मच गया था हड़कंप
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प्रारंभिक जांच में सील तोड़ने व बोरों से छेड़छाड़ की बात आई सामने



गोरखपुर। महेवा मंडी में रंगे लाल आलू के ट्रक का सील तोड़ने के मामले में जांच जारी है। जांच टीम को आशंका है कि ट्रक पर लदे रंगे लाल आलू के बोरों को बदलने के लिए ही सील से छेड़छाड़ की गई होगी। हालांकि ट्रक पर 200 में से अब भी करीब 100 बोरे रंगे लाल आलू हैं। इसकी जांच रिपोर्ट और सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।



करीब एक सप्ताह पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने महेवा मंडी में छापा मारकर रंगे लाल आलू की जांच की थी। इस दौरान कानपुर से आए दो ट्रकों पर करीब 200 बोरी रंगा लाल आलू होने की आशंका में दोनों ट्रकों को सीज कर दिया गया था। बोरे से आलू के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। इस बीच सोमवार को सूचना मिली कि एक ट्रक का सील तोड़कर व्यापारी ने आलू बाजार में बेच दिया है।
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इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि ट्रक की सील टूटी हुई है। वहां रखे बोरों से छेड़छाड़ की गई है। मंडी से जुड़े सूत्रों की मानें तो ट्रक पर लगभग 100 बोरी रंगा लाल आलू मौजूद है।



व्यापारियों की डिमांड पर ही आता है रंगा आलू



रंगा लाल आलू का धंधा महेवा मंडी के ही कुछ व्यापारी करते हैं। वे कानपुर के कुछ कोल्ड स्टोरेज वालों के संपर्क में हैं। वहां से ऑर्डर पर ट्रक लोड होता है। जिस दिन ट्रक को गोरखपुर के लिए भेजना होता है, उससे एक दिन पहले ही आलू को केमिकल से रंगा जाता है। इस तरह का आलू चौथे दिन खराब होने लगता है। इसलिए व्यापारी इसे स्टोर भी नहीं कर पाते। जिस दिन मंडी में माल उतारता है, उसी दिन या अधिकतम अगले दिन तक बिक्री कर दी जाती है।







बाजार से रंगा आलू गायब, लाल आलू की मांग घटी



मंडी में रंगे आलू का मामला पकड़े जाने के बाद व्यापारी सतर्क हो गए हैं। जिन व्यापारियों के पास पहले लाल रंग के आलू थे, उन्हें बेचकर अब वे भी सफेद या हल्के छिलके वाले आलू ही मंगवा रहे हैं। बाजार से रंगा आलू लगभग गायब हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि खराब आलू को चमकदार और ताजा दिखाने के लिए कुछ व्यापारी कृत्रिम रंग का इस्तेमाल करते हैं, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने तीन दिन पहले भी बाजार की जांच की थी, लेकिन रंगा लाल आलू नहीं मिला था।
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वर्जन



मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। बुधवार को टीम विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने पर ही तय हो पाएगा कि कितना आलू बाजार में बेचा गया और कितना अभी भी मौके पर मौजूद है।



- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा
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