खोराबार पीएचसी के संविदा डॉक्टर के पास से पुलिस ने बरामद की थी मेडिकल की 21 डिग्री
डॉक्टर राजेश कुमार और उसके दोस्त को पकड़कर पुलिस भिजवा चुकी है जेल
गोरखपुर। मेडिकल की फर्जी डिग्री की जांच और कार्रवाई में जुटी पुलिस को झटका लगा है। गिरोह का मास्टरमाइंड बताए जा रहे नोएडा के रॉबिन सक्सेना के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) लेकर पुलिस उसकी गिरफ्तारी की तैयारी में थी, इस बीच रॉबिन ने हाईकोर्ट से अंतरिम अरेस्ट स्टे प्राप्त कर लिया है। कोर्ट ने अगले 28 दिन तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
खोराबार पुलिस रॉबिन को पकड़ने के लिए कई बार नोएडा गई और उसके घर पर छापे भी मारे, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया और अब इनाम की घोषणा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। अब रॉबिन को कोर्ट से अरेस्ट स्टे मिल जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई ठप हो गई है।
नौ डिग्रियां फर्जी मिलने की हो चुकी है पुष्टि
24 फरवरी को खोराबार पुलिस ने स्थानीय पीएचसी के संविदा डॉ. राजेश कुमार और उसके साथी सुशील कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया था। इनके पास से मेडिकल की 21 डिग्रियां मिलीं थीं जिनमें नौ फर्जी पाई गईं। जांच में पता चला कि डॉ. राजेश युवाओं से लाखों रुपये लेकर बिना परीक्षा के फर्जी डिग्रियां दिलवाता था। वह नोएडा के रॉबिन सक्सेना से संपर्क करके ये डिग्रियां तैयार करवाता था। एक व्यक्ति से 1.80 लाख रुपये लेकर उसे डीफार्मा की फर्जी डिग्री थमा दी थी। जांच में डिग्री फर्जी मिलने पर पीड़ित ने खोराबार थाने में शिकायत की तो पुलिस की जांच में पीएचसी के डॉ. राजेश की पोल खुली।
इन संस्थानों के नाम की मिली थीं डिग्रियां
- राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी
- आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान
- उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
- आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
- जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद
- आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़
- आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद
- चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ
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कोट-
नोएडा के एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। इस बीच आरोपी ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे प्राप्त कर लिया है। कोर्ट के नियमों और शर्तों के मुताबिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी