घर की हरेक मंजिल पर नगर निगम की नजर है। शासन की अधिकृत एजेंसी आईटीआई लिमिटेड की ओर से शहर के तमाम घरों का गहनता से सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मकानों की मंजिलों के अलावा घरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। मई तक सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
नगर निगम के आंकड़ों में शहर में मकानों की संख्या 1.25 लाख है। लगातार मकानों की संख्या बढ़ने के बावजूद नगर निगम के टैक्स में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। इसके अलावा बहुत से मकानों का व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने के बावजूद सामान्य टैक्स जमा किया जा रहा है। बहुत से मकान ऐसे हैं जिन पर अब तक टैक्स ही निर्धारित नहीं हुआ है। इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से आईटीआई प्राइवेट लिमिटेड की ओर से शहर के सभी भवनों का सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत घरों की हर मंजिल के आकलन के साथ ही उसकी फोटोग्राफी भी की जा रही है। साथ ही मकान का कुल क्षेत्रफल का आकलन किया जा रहा है। घरों में व्यावसायिक इस्तेमाल का भी आंकड़ा तैयार किया जा रहा है।
शहर के बहुत से मकान अभी टैक्स से छूटे हुए हैं। साथ ही घरों की मंजिलें बढ़ने के बावजूद टैक्स को नए सिरे से नहीं निर्धारित किया गया है। एजेंसी द्वारा इस सबका ब्योरा तैयार किया जा रहा है। कोशिश है नगर निगम का रेवेन्यू में बढ़ोतरी हो।
- अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त