मोती पोखरा का पानी साफ करवाकर उसे झील की तरह सजा लिया गया है। इसे अब मोती झील भी कहा जा सकता है। नगर निगम यहां अब बोटिंग शुरू कराने की तैयारी है। यहां बैठने के लिए बेंच, आकर्षक लाइटें और खाने-पीने के लिए स्टॉल भी रहेंगे। शहरवासियों को जल्द ही बशारतपुर में भी परिवार संग सैर-सपाटा की जगह मिलेगी।
मोती पोखरा के पानी को 24 सितंबर से नैनो बबल तकनीक से साफ किया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका में पोखरों के पानी को शोधित कर स्वच्छ बना रही गुजरात की कंपनी वेलिएंट इंटैक प्राइवेट लिमिटेड ने खुद के खर्चे पर यह जिम्मा उठाया है।