गोरखपुर जिले के पांच भाजपा विधायकों ने ग्राम्य विकास मंत्री मोती सिंह को पत्र लिखकर कार्यदायी संस्था बदलने की गुहार लगाई है। विधायकों के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की जगह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को नामित किया जाए। लोक निर्माण विभाग के पास काम का ज्यादा दबाव है। विधायकों के पत्र पर विभागीय मंत्री व प्रमुख सचिव ने सकारात्मक रुख अपनाया है। जल्द ही मामला मुख्यमंत्री के सामने जा सकता है।
विधायक का पत्र विभागी मंत्री मोती सिंह को भी मिला चुका है। इसी पत्र का हवाला देते हुए ग्राम्य विकास मंत्री ने अपर मुख्य सचिव से जानकारी मांगी है। साथ ही कहा है कि विधायकों का प्रस्ताव उचित लग रहा है। यही पत्र आरईएस गोरखपुर भी आया है। इसके मुताबिक कैंपियरगंज से विधायक फतेहबहादुर सिंह, चौरीचौरा से विधायक संगीता यादव, बांसगांव से विधायक डॉ. विमलेश पासवान, सहजनवां से विधायक शीतल पांडे और गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह ने पत्र लिखा है।
इन विधायकों ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2020-21 के प्रस्तावों को भेजा है। साथ ही अनुरोध किया है कि कार्यदायी संस्था के रूप में आरईएस को नामित किया जाए। विधानसभा क्षेत्रों में जो सड़कें पास हैं, उनके निर्माण में देरी हो रही है। 2022 में विधानसभा चुनाव होंगे। इससे पहले ही सड़क निर्माण पूरा कराने का दूसरा विकल्प नहीं है। पत्र लिखने की पुष्टि कैंपियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवां व बांसगांव से भाजपा विधायकों ने की है।