गोरखपुर की बहुप्रतीक्षित महायोजना-2031 की इंतजार की घड़ियां अब समाप्त हो गई हैं। बुधवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई जीडीए बोर्ड की बैठक में शासन की ओर से विनियमित क्षेत्र को लेकर जारी आपत्तियों पर अहम निर्णय लिए गए। इसके बाद शासन से अनुमोदित ‘गोरखपुर महायोजना-2031 (पुनरीक्षित)’ के बृहस्पतिवार को प्रकाशन पर सहमति बनी। प्रकाशन के साथ ही तत्काल प्रभाव से महायोजना-2031 प्रभावी हो जाएगी।
शासन ने महायोजना- 2031 पुनरीक्षित को 18 जनवरी 2024 को ही सशर्त स्वीकृति प्रदान कर दी थी, लेकिन जनहित में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने संशोधन के लिए शासन को पत्र लिखा था। प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के पत्र पर अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश की अध्यक्षता में शासकीय समिति की बैठक में विचार किया गया।
इसके बाद 28 फरवरी को जारी शासनादेश में महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) में निर्णय लेने के लिए जीडीए बोर्ड को अधिकृत किया गया।
इसके साथ ही पूर्व में जारी शासनादेश को 28 फरवरी को संशोधित कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गोरखपुर महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) पर निर्णय लिए गए।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि महायोजना-2031 में आपत्तियों के निस्तारण को लेकर शासन की ओर से जीडीए बोर्ड को अधिकृत किया गया था। जीडीए बोर्ड की बैठक में विनियमितीकरण पर विचार करते हुए उसके व्यावहारिक पक्ष को लेकर समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही शासन की ओर से अनुमोदित महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) अखबारों में प्रकाशन होने के साथ ही प्रभावी हो जाएगी।