गोरखपुर मंडलीय कारागार में ड्रोन कैमरे से ली गई सघन तलाशी
गोरखपुर। डीएम व एसएसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स ने मंगलवार की दोपहर तीन बजे मंडलीय कारागार की सघन तलाशी ली। जेल के अंदर ड्रोन कैमरे भी चलवाए गए। साथ ही मेटल डिटेक्टर व इलेक्ट्रानिक इक्रूटमेंट प्रेशर मशीन से जमीन व फर्श की भी तलाशी ली गई। एक घंटे तक चली तलाशी अभियान में बंदियों के बिस्तर व बैरक से गुटखा, खैनी, सिगरेट आदि मिला।
मंगलवार को करीब तीन बजे प्रमुख सचिव के निर्देश पर डीएम के विजयेंद्र पांडियन, एसएसएसपी डॉ सुनील गुप्ता अचानक जेल पहुंचे। उनके साथ एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ, सीओ क्राइम व गोरखनाथ प्रवीण सिंह, सीओ कोतवाली वीपी सिंह के अलावा कैंट, शाहपुर, क्राइम ब्रांच, एंटी रोमियो टीम भी मौजूद रही। डीएम व एसएसपी के साथ अन्य अधिकारियों व पुलिस ने इस दौरान हाई सिक्योरिटी बैरक, मिलेनियम बैरक, महिला बैरक, मेश, अस्पताल, स्नानागार की तलाशी ली। एक-एक कैदी व बंदी के बिस्तरों की तलाशी ली गई। जमीन व फर्श की भी मेटल डिटेक्टर से जांच की गई कि कहीं कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण या शस्त्र तो नहीं छिपाया गया है। जेल के अंदर ड्रोन कैमरा भी चलवाया गया। जेल के अंदर गुटखा आदि मिलने पर अधिकारियों ने बंदी रक्षकों व बंदियों को हिदायत दी। तलाशी के दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी व जेलर प्रेम सागर शुक्ला भी मौजूद रहे।
फिरोजाबाद के मामले में दो बंदियों से अफसरों ने की पूछताछ
जेल की तलाशी लेने पहुंचे अफसरों ने फिरोजाबाद के देवेंद्र यादव व आजमगढ़ के रहने वाले प्रिंस जायसवाल से पूछताछ की। दरअसल, पिछले दिनों फिरोजाबाद में कुछ शूटरों को वहां की पुलिस ने पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया था कि शूटर वहां के एक व्यापारी की हत्या करने जा रहे थे। जांच में सामने आया था कि व्यापारी की हत्या की साजिश गोरखपुर जेल में रची गई थी। इसमें गोरखपुर जेल में बंद व एसटीएफ द्वारा पकड़े गए फिरोजाबाद के देवेंद्र यादव व आजमगढ़ के रहने वाले प्रिंस जायसवाल का नाम सामने आया था। जिसके बाद देवेंद्र को हाई सिक्योरिटी बैरक में डाल दिया गया था, वहीं प्रिंस का भी बैरक बदल दिया गया था।
जेल की तलाशी ली गई है। इस दौरान कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण, मोबाइल फोन या शस्त्र आदि नहीं मिला। कुछ बंदियों के पास से गुटखा आदि नशे की सामग्री मिली है। उन्हें हिदायत दी गई है। - डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी