उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 20 सितंबर को होटल में विवाद के बाद अगले ही दिन कूड़ाघाट से मोहद्दीपुर तक चार किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में फायरिंग की घटना जिस तरह से हुई उससे एक बात तो साफ हो गई कि पुलिस से घटना को छिपाया गया। होटल की ओर से पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी।
इसे देखते हुए एसएसपी ने सभी सीओ को आदेश दिया है कि वे अपने अपने सर्किल में मौजूद होटल, रेस्त्रां, ढाबा, पेट्रोल पंप, एटीएम की चेकिंग कराएं कि वहां पर कैमरा है या नहीं। अगर है तो किस दिशा में उसका उपयोग घटना होने की दशा में पुलिस कर सकती है। तीन दिन में पुलिस इसकी जांच कर एसएसपी को रिपोर्ट देगी।
जानकारी के मुताबिक, एसएसपी का मानना है कि होटल, हुक्काबार आदि जगहों पर शराब पार्टी चलती है लेकिन वहां पर कैमरा न होने की वजह से जब कभी पुलिस के पास सूचना आती भी है तो साक्ष्य नहीं मिल पाता है।
ऐसे में एसएसपी ने कहा है कि वारदात रोकने की जितनी जिम्मेदारी पुलिस की है, उतनी ही होटल या फिर दूसरे व्यवसाय से जुड़े लोगों की भी है। ऐसे में यदि उनके यहां कोई संदिग्ध गतिविधि हो तो पुलिस को इसकी समय से जानकारी दें ताकि बड़ी घटना होने से रोका जा सके। मगर इस घटना के बाद एक बात साफ हो गई है कि ऐसा नहीं हो रहा है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा है कि पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह जाकर सीसी टीवी कैमरों की चेकिंग करें और अगर लगा है तो किस दिशा में है यह भी जांच करें।
पॉशा रेस्त्रां से नहीं मिला फुटेज
इस घटना की सबसे बड़ी शुरुआत पॉशा रेस्त्रां से हुई हैं। वहां पर सीसी टीवी कैमरा होने के बावजूद पुलिस को फुटेज नहीं मिल सकी है। पुलिस की जांच में सामने आया है घटना में रेस्त्रां का मैनेजर ही शामिल था, इस वजह से फुटेज को डिलीट कर दिया गया है। पुलिस इसके बाद से ही सख्ती कर रही है और इस प्रकरण में जांच पूरी होने के बाद रेस्त्रां संचालक पर कार्रवाई भी हो सकती है।