गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले एक वर्ष में उत्तर प्रदेश में 30 करोड़ पर्यटक धार्मिक दृष्टि के अलग-अलग पवित्र धामों का दर्शन करने आए। यह 30 करोड़ केवल संख्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरा एक इको सिस्टम छिपा है। गोरखपुर में स्प्रिचुअल और हेरिटेज टूरिज्म का केंद्र बनने की क्षमता है। यहां आध्यात्मिक दृष्टि से गीता प्रेस है तो धार्मिक दृष्टि से गोरखनाथ मंदिर है। इको टूरिज्म की दृष्टि से देखेंगे तो रामगढ़ ताल जैसा अच्छा ताल है।
सीएम योगी, बुधवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित समारोह में पर्यटन की संभावनाएं और उससे होने वाले फायदे बता रहे थे। सीएम ने कहा कि जब पर्यटन बढ़ेगा तो इनसे वाहन संचलन से जुड़े लोगों, फूल-प्रसाद बेचने वालों, होटल, धर्मशाला और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े और अन्य भी तमाम लोगों को रोजगार मिला होगा, उनकी आजीविका समृद्ध हुई होगी।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में हेरिटेज टूरिज्म की तरफ देखें तो अमर सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को यहीं गोरखपुर के जेल में फांसी दी गई थी। उनका अस्थि कलश लालडिग्गी में हैं। गोरखपुर में ही 1857 के महान क्रांतिकारी वीर बंधू सिंह को फांसी दी गई थी। इसी जनपद में आजादी की लड़ाई को निर्णायक दिशा देने वाली चौरीचौरा की धरती है तो सेनानियों की धरती डोहरिया भी है। इन सबको हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। समारोह को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी संबोधित किया। समारोह के दौरान लोकगायक राकेश श्रीवास्तव ने गोरखवाणी की सुमधुर प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ विमलेश पासवान, एमएलसी डॉ धर्मेंद्र सिंह, मुकेश मेश्राम आदि मौजूद रहे।