गंडक नदी में चार लाख क्युसेक छोड़ा गया
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते गंडक नदी ऊफान पर है। नदी में बीते 48 घंटे में ही करीब तीन लाख क्युसेक पानी बढ़ जाने की वजह से खड्डा क्षेत्र के 10 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के करीब 400 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने को कहा गया है।
नदी भैंसहा गेज पर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। डीएम ने हालात की गंभीरता को देखते हुए खड्डा व तमकुहीराज के एसडीएम को निगरानी करने व रिपोर्ट देने को कहा है।
आम तौर पर सितम्बर के दूसरे सप्ताह में गंडक नदी का पानी घटने लगता है। मंगलवार की शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में 86 हजार क्युसेक पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन रात में ही पानी बढ़ने लगा। बुधवार की शाम चार बजे नदी का बहाव एक लाख 72 हजार क्युसेक पर पहुंच गया। रात में 10 बजे बहाव दो लाख 15 हजार क्युसेक तक पहुंच गया।
बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे बहाव तीन लाख क्युसेक को पार कर गया। बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में तीन लाख 84 हजार क्युसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते भैंसहा गेज पर नदी खतरे के निशान 96 मीटर से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। अभी पानी का बढ़ना जारी है।
जलस्तर में हुई तेज वृद्घि के चलते खड्डा क्षेत्र के मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर समेत 10 गांव बाढ़ से घिर गए हैं। इनमें से करीब 400 घरों तक पानी पहुंच गया है। देर शाम खड्डा के एसडीएम अरविंद कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का नाव से दौरा किया और प्रभावित लोगों को यथाशीघ्र ऊंचे स्थान पर जाने की सलाह दी गई।
हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक कर बाढ़ से बचाव व राहत कार्य की तैयारियों की जानकारी ली। इसके बाद खड्डा व तमकुहीराज तहसील के एसडीएम को हालात पर नजर रखने व पल-पल की जानकारी देने का निर्देश दिया गया।