गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव को लेकर तैयारी तेजी से चल रही है। जल्द ही कार्यक्रम स्थल चंपा देवी पार्क पर पंडाल तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर कुछ कार्य शुरू किया गया है।
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर महोत्सव में लगभग 300 के आसपास स्टॉल लगाए जाएंगे। इसमें ओडीओपी सहित कामर्शियल व सरकारी स्टॉल भी लगाए जाएंगे। कॉमर्शियल स्टॉल के लिए आवेदन आएं हैं। साथ ही लगभग 75 स्टॉल ओडीओपी के होंगे। योजना के अनुसार, मेले में गुजरात की प्रसिद्ध काशीदाकारी वाले परिधान विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। वहीं खुर्जा की पाटरी से बनी खूबसूरत वस्तुएं अस्थायी दुकानों को रंगीन और आकर्षक बनाएंगी।
पूर्वांचल की पहचान मानी जाने वाली वाराणसी और मऊ की साड़ियां भी मेले में उपलब्ध रहेंगी, जो हर वर्ग के दर्शकों को आकर्षित करती हैं। कश्मीर की ऊनी शाल, पंजाब और लुधियाना के गर्म कपड़े और लखनऊ के चिकनकारी उत्पाद मेले को सांस्कृतिक विविधता प्रदान करेंगे। सहारनपुर के नक्काशी वाले फर्नीचर, असम के बांस से बने सजावटी सामान और राजस्थान के पारंपरिक जूते मेले को और भी व्यापक स्वरूप देंगे। विशेष रूप से भदोही की मशहूर कालीन मेले के कालीन बाजार को समृद्ध बनाएंगी, जिससे आगंतुकों को हस्तनिर्मित शिल्प की उत्कृष्टता का अनुभव होगा। इसके साथ ही मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। क्षेत्रीय पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। धरातल पर कार्य शुरू हो गए हैं।